संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शिरोमणि अकाली दल आजाद के प्रमुख एवं एचएसजीपीसी धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में मारे गए परिवारों के लोगों को सरकारी नौकरी देने का निर्णय सराहनीय है। इसके लिए प्रदेश की सिख संगत मुख्यमंत्री का अभिनंदन करेगी।
दादूवाल वीरवार को करनाल स्थित गुरुपर्व प्रबंधक कमेटी के प्रधान वरिंदर सिंह के निवास पर पहुंचे। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि 41 साल बाद किसी को दंगा पीड़ित सिख परिवारों की याद तो आई। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दंगों में मारे गए सिख परिवारों को मुआवजा दिलाया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के निर्णय का अनुसरण देश की अन्य राज्य सरकारों को भी करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से पूरे देश में हरियाणा की तर्ज पर सिख दंगों में मारे गए परिवारों को नौकरी देने की मांग की।
उन्होंने हरियाणा सिख गुरुद्वारा एक्ट में संशोधन करने का समर्थन करते हुए कहा कि जो अधिकार ज्यूडीशियल आयोग को दिए हैं, वह सही है। कमेटी पर किसी न किसी का अंकुश तो होना ही चाहिए, ताकि उनकी मनमानी पर विराम लगेगा।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एचएसजीपीसी के जो सदस्य नशा करते हैं, उन्हें खुद अपने पद से हट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब में जो बाढ़ आई हैं उसमें पीड़ित परिवारों के साथ एचएसजीपीसी खड़ी है। हरियाणा के सिख उनकी मदद करेंगे। इस अवसर पर महासचिव इंद्रपाल सिंह, गुलाब सिंह मूनक, तेजेंद्र पाल सिंह डिंपी उपस्थित रहे।