यमुना इलाके में जारी रेत की माइनिंग के खेल का खुलासा होने से प्रशासन व खनन ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। तीन सरकारी छुट्टियों के दौरान खनन को अंजाम देने में जुटी माइनिंग कंपनी को उस समय बड़ा झटका लगा जब बीडीपीओ राजेश शर्मा ने तुरंत प्रभाव से घरौंडा एरिया के गांव फरीदपुर में खनन रोकने के आदेश जारी कर दिए। फरीदपुर के सरपंच नरेश कुमार को तलब करते हुए बीडीपीओ ने आदेश दिए कि सोमवार तक पंचायत रिकार्ड व कंपनी के साथ किए गए कांट्रेक्ट के कागजात कार्यालय में पेश किये जाए। राजेश शर्मा ने शिकायतकर्ता ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि कागजात की जांच से पहले खनन नहीं होने दिया जाएगा।
विरोध जता रहे ग्रामीण ओमप्रकाश, सुरेश कुमार, मनोहर लाल ने कहा कि माइनिंग कंपनी जय यमुना डेवलप व सरपंच नरेश कुमार के बीच हुए कांट्रेक्ट में गड़बड़झाला है। आरोप है कि कंपनी ने यमुना इलाके में बहुत से किसानों से खनन के लिए जमीन 20 से 25 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से ले रखी है, लेकिन सरपंच से मिलीभगत कर ठेकेदारों ने पंचायत की करीब साढ़े पांच एकड़ भूमि मात्र 25 लाख में हथिया ली। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच ने जो कांट्रेक्ट माइनिंग कंपनी के साथ किया है उसमें खुदाई की कोई लिमिट नहीं रखी, जबकि पंचायत प्रस्ताव 13 फुट व 6 फुट गहराई की खुदाई के लिए पास किया गया था।
कंपनी ने पंचायत की भूमि से दो दिन भीतर ही चालीस फुट तक खनन कर लाखों फुट रेत निकाल लिया है।
ओमप्रकाश, मनोहर लाल, सुरेश कुमार, शाम लाल, कश्मीरी लाल का आरोप है कि पंचायत की भूमि से खनन होने पर 45 कनाल जमीन खुर्द बुर्द हो जाएगी और खेती लायक नहीं रहेगी। गांव के किसान इस भूमि को कृषि कार्य के लिए ठेके पर लेने के इच्छुक हैं। ऐसे में यदि ग्राम पंचायत इस भूमि की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल की व्यवस्था करे तो ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा और पंचायत की आमदनी भी होगी।
वर्जन
ग्राम पंचायत की जो भूमि खनन के लिए दी गई है, उसमें ट्यूबवेल न होने की वजह से ठेके पर नहीं दिया जा सकता। गांव के हित में 45 कनाल भूमि कंपनी को खनन के लिए दी गई है। इससे मिलने वाली आमदनी से इस भूमि को समतल करवा कर ट्यूबवेल व बिजली लाइन की व्यवस्था की जाएगी। कंपनी के साथ हुए करार की पूरी जानकारी लेने के लिए लिखित आवेदन करना पड़ेगा।
- नरेश कुमार, सरपंच फरीदपुर
सरपंच के साथ मिलकर नियमों के तहत अनुबंध किया है। इस मामले में बीडीपीओ ने कागजात मंगवाए हैं। सोमवार को उन्होंने बुलाया है।
- धर्मबीर, कंपनी प्रतिनिधि
सरपंच और ग्राम सचिव को माइनिंग रोकने के आदेश दे दिए हैं। पंचायत की ओर से पास हुए प्रस्ताव व सरपंच की ओर से कंपनी के साथ किए गए अनुबंध से संबंधित कागजात मंगवाए गए हैं। सोमवार को सभी दस्तावेज की जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पंचायत की भूमि पर खनन नहीं होने दिया जाएगा।
- राजेश शर्मा, बीडीपीओ घरौंडा