संवाद न्यूज एजेंसी
नीलोखेड़ी। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर शुरू हुआ उपमंडल अस्पताल निर्माण कार्य सात साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास वर्ष 2018 में हुआ था उसी के अधूरे हिस्से का एक बार फिर दो अप्रैल को शिलान्यास किया जाएगा।
करीब 6.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अस्पताल को 50 से 100 बिस्तरों का किया जाना था। 10 सितंबर, 2018 को विधायक भगवानदास कबीरपंथी ने इसका शिलान्यास किया था। शुरुआती दौर में निर्माण कार्य तेज गति से चला और एक साल के भीतर तीन मंजिला भवन खड़ा कर दिया गया। योजना के अनुसार यह पूरा प्रोजेक्ट 18 महीनों में तैयार होना था, लेकिन वर्ष 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद काम पूरी तरह रुक गया।
निर्माण कार्य रुकने के पीछे मुख्य कारण ठेकेदार की अनियमितताएं सामने आईं। विधायक के अनुसार, निर्माण कार्य संभाल रहे ठेकेदार ने बजट खर्च में गड़बड़ी की, जिसके चलते सरकार ने उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसके बाद मामला कानूनी प्रक्रियाओं और नई टेंडर प्रक्रिया में उलझ गया, जिससे वर्षों तक काम आगे नहीं बढ़ सका।
इस दौरान अधूरा भवन यूं ही खड़ा रहा और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा। पूर्व विधायक धर्मपाल गोन्दर ने भी इस मुद्दे को कई बार उठाया और मांग की कि तैयार भवन में ही जरूरी सेवाएं शुरू की जाएं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। विधायक भगवानदास कबीरपंथी 2 अप्रैल को अधूरे निर्माण कार्य का दोबारा शिलान्यास करेंगे। उनका कहना है कि नई प्रक्रिया के तहत निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा।