करनाल। जुलाई माह के अंतिम दिन वीरवार को बादल जमकर बरसे। बारिश ने पिछले साल जुलाई माह में हुई 58.6 एमएम बारिश का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वीरवार को दर्ज की गई 51.6 एमएम बारिश को मिलाकर इस माह 105.1 एमएम बारिश हो चुकी है। दोपहर बाद हुई तेज बारिश से शहर में सड़कें जलप्लावित नजर आईं। नई अनाज मंडी में जलनिकासी न होने के कारण सभी सड़कें लबालब हो गईं। शाम तक रिमझिम बारिश जारी रही।
आसमान पर काली घटाएं बुधवार रात से ही छा गई थी और मध्यरात्रि के बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई। जिससे शहर की कई प्रमुख सड़कों पर पानी नजर आने लगा हालांकि सुबह होते होते जलनिकासी हो गई। वीरवार सुबह एक बार फिर बारिश शुरू हो गई जो कि दोपहर दो बजे तक जारी रही। शहर में लघु सचिवालय के सामने, कुंजपुरा रोड, शहीद उधम सिंह चौक, गुरु ब्रह्मानंद चौक, नमस्ते चौक, जुंडला गेट के सामने, सेक्टर 13, अल्फा सिटी सहित कई चौराहों व कॉलोनियों की सड़कों पर जलभराव हो गया।
गिरा तापमान, गर्मी से राहत
सीएसएसआरआई की जिला मौसम वेधशाला में वीरवार को दोपहर 2.20 बजे तक 51.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि इससे पहले की 30 दिनों में 53.5 एमएम बारिश हुई थी, जिससे जुलाई माह की कुल बारिश अब 105.1 एमएम हो गई है। इसके बाद हल्की बारिश होती रही है। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट आई है, वीरवार को अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बुधवार को 30.8 डिग्री सेल्सियस था। न्यूनतम तापमान भी 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जिसके कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया है।
पांच अगस्त तक सक्रिय रहेगा मानसून
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि मानसून टर्फ की रेखा उत्तर की तरफ बने रहने की संभावना है, जिससे नमी वाली मानसूनी हवाएं बंगाल की खाड़ी से लगातार आने की संभावना से हरियाणा में मानसून अगस्त के प्रथम सप्ताह में भी सक्रिय बने रहने की संभावना है। जिससे राज्य के सभी क्षेत्रों में पांच अगस्त तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी हरियाणा के जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है परंतु उत्तर क्षेत्र के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।
कीचड़ ने किया परेशान
शहर की नई अनाज मंडी में जलभराव की स्थिति सर्वाधिक रही। यहां सभी प्रमुख सड़कों पर जलभराव नजर आया। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि मंडी में सीवरेज व्यवस्था नाकाफी है। छोटी पाइप लाइन हैं, जिससे तेज बारिश के दौरान पर्याप्त जल निकासी नहीं हो पाती है, जिससे जलभराव हो जाता है। सभी सड़कें टूटी हुई हैं। मंडी रोड से औद्योगिक क्षेत्र को जाने वाली सड़क पर भी शाम तक जलभराव रहा। बारिश के दौरान कर्ण गेट बाजार, नेहरू मार्केट, सराफा बाजार, गुड़ मंडी सहित सभी प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसर गया। सड़कों पर कीचड़ के कारण लोगों ने भी बाजार का रुख नहीं किया।
धान-गन्ने की फसल के लिए बारिश वरदान
गन्ना प्रजनन संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र के अध्यक्ष डॉ. एमएल छाबड़ा ने बताया कि इस समय की बारिश धान के लिए तो फायदेमंद है ही, गन्ने की फसल के लिए भी लाभदायक है। इसका किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा।