- मुख्य बाजार में जहां मर्जी खड़े हो रहे वाहन, ई-रिक्शा व कारों के प्रवेश से लग रहा जाम, पैदल निकलने के लिए भी नहीं रास्ता
- अस्थायी पार्किंग बनाई न वन-वे किए मार्ग, पांच मिनट का रास्ता तय करने में लग रहा आधे घंटे से ज्यादा समय
गगन तलवार
करनाल। नवरात्र के साथ शुरू हुआ त्योहारी सीजन दिवाली पर अपने अंतिम चरण में है। बाजार में खरीदारों की भीड़ बढ़ने लगी है लेकिन प्रशासन इस बार यातायात व्यवस्था बनाना भूल गया है। ऐसे में लोग जाम से जूझ रहे हैं। कर्ण गेट मुख्य बाजार के अलावा अन्य सभी छोटे बाजार में भी जाम के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिवाली में महज चार दिनों का ही समय है और धनतेरस पर भी खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ेगी। इससे पहले ही कर्ण गेट, सराफा बाजार, चौड़ा बाजार, पुरानी सब्जी मंडी रोड, कमेटी चौक, रेलवे रोड, बस स्टैंड रोड, कुंजपुरा मार्केट, दुपट्टा मार्केट, सरदार पटेल मार्केट सहित अन्य बाजारों में जाम के कारण स्थिति काफी खराब है।
शनिवार को अमर उजाला टीम ने शहर के बाजार का जायजा लिया तो कहीं बीच सड़क वाहन पार्किंग जाम की वजह मिली तो कहीं ई-रिक्शा और कारों के प्रवेश के कारण जाम लगा था। इसके अलावा दुकानों के आगे रेहड़ी और फड़ी वालों का भी 10 फुट तक कब्जा रहा। ए-वन स्वीट के आगे लोगों के वाहन खड़े होने से सराफा बाजार से पैदल बाहर आने व जाने के लिए लोगों को रास्ता नहीं मिला।
इन मुख्य बाजारों की स्थिति ऐसी रही कि पांच मिनट का रास्ता तय करने में आधे घंटे से ज्यादा का समय लग रहा है। जबकि हर बार नवरात्र से पहले शहर के बाजार को वन-वे कर दिया जाता है। इसके अलावा अस्थायी तौर पर पार्किंग के लिए भी स्थान निर्धारित किए जाते हैं।
यहां लग रहा जाम
- रेलवे रोड : कमेटी चौक और रामलीला भवन से वाहनों के आने के कारण एसडी स्कूल तक जाम लगता है।
- कमेटी चौक : बस स्टैंड मार्ग से रेलवे रोड जाने के लिए वाहन गलत दिशा में जाते हैं, इसलिए जाम लगता है।
- कर्ण गेट : दुकानों के आगे कब्जे और वाहन खड़े होने से सड़कें संकरी हो जाती हैं, इसलिए जाम लगता है। इसका असर सराफा बाजार तक पड़ता है।
- नावल्टी चौक : बीच चौराहे पर भारी वाहनों के खड़े होने से जाम लगता है।
- कुंजपुरा रोड : कारों और ई-रिक्शा की संख्या ज्यादा होने के कारण।
- बस अड्डा रोड : कारों और ई-रिक्शा की संख्या ज्यादा होने के कारण।
ई-रिक्शा और दो पहिया वाहनों का प्रवेश हो बंद
कर्ण गेट मार्केट में खरीदारी के लिए आए विवेक, अशोक और विवेक का कहना है कि इन दिनों में बाजार में ई-रिक्शा, चार व दो पहिया वाहनों का प्रवेश भी बंद कर देना चाहिए। ज्यादा भीड़ होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। वाहनों के धुएं से होने वाले प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों को भी दिक्कतें हो रही हैं। यातायात पुलिसकर्मी भी केवल चौकी के आगे खड़े होकर चालान करने तक ही सीमित हैं। जाम खुलवाने का कोई प्रयास नहीं है।
संकरी सड़कों से गुजरते हैं पांच हजार से ज्यादा वाहन
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ तेजपाल और एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि माल ढुलाई के वाहन भी सुबह या देर रात आने चाहिए। व्यवस्था बनाना जरूरी है। कर्ण मार्केट व इसके साथ लगते कुंजपुरा रोड, पुरानी सब्जी मंडी, नावल्टी रोड, बस स्टैंड रोड और गुड़ मंडी जैसे सभी बाजार को मिलाकर यहां रोजाना करीब पांच हजार के करीब वाहनों की आवाजाही है। ऐसे में वाहनों के एक साथ रुकने और अतिक्रमण के कारण जाम होना स्वभाविक है।
-कर्ण मार्केट के पांचों रास्तों पर बैरिकेट लगाने की जरूरत
- नावल्टी चौक की तरफ।
- बीज मार्केट के पास।
- गुड़ मंडी के आगे और भगवान वाल्मीकि चौक पर।
- पुरानी सब्जी मंडी ट्रैफिक पुलिस चौकी के आगे।
- चौड़ा बाजार की तरफ सिटी थाना के पास।
त्योहार को लेकर पुलिस पूरी तरह से सतर्क है। सभी चौराहों पर पुलिस कर्मी तैनात हैं। यातायात व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए वाहनों को निर्धारित पार्किंग में ही खड़ा करने के निर्देश हैं। यदि कोई वाहन चालक मनमर्जी से वाहन खड़ा करता है और जाम की स्थिति बनती है तो उसका चालान किया जा रहा है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हम पूरी तरह से मुस्तैद हैं।
- मोहित हांडा, एसपी करनाल