टीम के सदस्य डॉ. ललित ने बताया कि संजय के खिलाफ वर्ष 2019 में भी इसी तरह का मामला दर्ज हो चुका है। उसके पास से एंटी करप्शन ब्यूरो का कार्ड भी मिला है, जिसकी भी जांच की जाएगी। इस बार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।