माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।
पश्चिमी यमुना नहर से यमुनानगर के जुब्बल गांव से लापता हुए अंकुश (18) का शव बरामद हुआ। नहर में गहरे झाल में उसका शव फंसा था। शरीर पर कपड़े नहीं थे।
बहाव तेज था। ऐसे में शव को बाहर निकलाने के लिए गोताखोरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। तीन बहनों का इकलौता भाई अंकुश 20 अगस्त से लापता था। उस दिन नहर किनारे उसकी साइकिल और चप्पल मिलने के बाद जांच शुरू हुई थी। पुलिस ने शव बरामद करने के बाद पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया है। जांच अधिकारी राजेंद्र ने बताया कि शनिवार की दोपहर को नहर में शव की सूचना मिलने के बाद गोताखोर कर्ण को बुलाया गया। शव को बाहर निकालने के बाद अंकुश के रूप में उसकी पहचान हुई। अंकुश यमुनानगर में भेड़-बकरी का काम करता था।
गोताखोर कर्ण ने बताया कि शव जिस जगह फंसा हुआ था, वहां तक पहुंचना बेहद मुश्किल था। नहर में पानी का बहाव तेज था और झाल के कारण जान का खतरा बना हुआ था। उनके पास रस्सा छोटा था, इस कारण ऑपरेशन को बीच में रोकना पड़ा। बाद में बड़ा रस्सा मंगवाकर उन्होंने शव को खींचकर बाहर निकाला।