शाहाबाद में रेलवे ट्रैक पर मिले युवक की शिनाख्त के बाद परिजनों ने इसे हत्या का केस बताते हुए बुधवार देर शाम जीटी रोड पर लाश रखकर जाम लगा दिया।
इस दौरान चंडीगढ़ से दिल्ली की ओर जा रहे राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया का काफिला भी इस जाम में फंस गया, जिसके बाद काफिले को लाडवा रोड से निकाला गया। हालांकि जीटी रोड पर जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम राजेश कुमार, डीएसपी शीतल सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच चुके थे।
इन अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इनकी एक नहीं सुनी और करीब डेढ़ घंटे तक जीटी रोड पर जाम लगाकर ट्रैफिक बाधित रखा।
उधर इस मामले की सूचना मिलते ही हलका शाहाबाद के विधायक एवं चेयरमैन अनिल धंतौड़ी मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों को समझाया। दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराने के आश्वासन के बाद परिजनों ने जाम खोला।
मां की शिकायत दर्ज, केस नहीं
गांव रतनगढ़ निवासी माता पाली देवी ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसका 22 वर्षीय बेटा कर्मचंद जीटी रोड स्थित अपने गांव के ही एक होटल पर काम करता था। मंगलवार रात को वह घर से काम के लिए निकला था, लेकिन बाद में बुधवार को उसका शव ही उन्हें मिला। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि होटल पर कर्मचंद के साथ मारपीट भी की गई है। पुलिस ने पाली देवी की शिकायत दर्ज कर ली है। समाचार लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
पुलिस को दिए जल्द कार्रवाई करने के निर्देश
विधायक अनिल धंतौड़ी ने पुलिस प्रशासन को कार्रवाई शीघ्र करने के निर्देश दिए हैं। उन्हाेंने कहा कि इस मामले की गहन जांच के साथ जो भी दोषी है, उसे तुरंत सामने लाकर मामला दर्ज किया जाए।