माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। खेड़ी सर्फली गांव में मेडिकल स्टोर पर हुई फायरिंग के चार महीने बाद सीआईए-2 की टीम ने बदमाशों को हथियार उपलब्ध कराने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी शिव कॉलोनी निवासी बादल के खिलाफ हत्या, लूट, झगड़े, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट में पहले से 15 केस चल रहे हैं। इन मामलों में आरोपी जेल में बंद था।
टीम के प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने फायरिंग करने के मामले में हथियार उपलब्ध कराए थे। मामले में सात आरोपियों की पहले से गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपी के खिलाफ 2022 में पहला केस दर्ज हुआ था।
11 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे खेड़ी सर्फली गांव में मेडिकल स्टोर चलाने वाले रणजीत सिंह एक मरीज का ब्लडप्रेशर चेक कर रहे थे, तभी बाइक पर सवार तीन नकाबपोश युवक आए और दुकान पर पहुंचते ही पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। रणजीत जान बचाकर पास के घर में भागे और बदमाश उनका पीछा करते हुए वहां तक पहुंचे थे लेकिन वे बच गए। इसके बाद आरोपी हवाई फायर करते हुए मौके से भागे। वारदात दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी।
पुरानी रंजिश से जुड़ा है मामला
फायरिंग मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। छह अगस्त को तीन आरोपी असंध के जयकरण, खेड़ी सर्फली के जसमिलन उर्फ माही और कैथल के क्योड़क के राहुल को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें फायरिंग के लिए हथियार पानीपत के नगलापार के अमित शर्मा ने उपलब्ध करवाए थे और बाइक असंध के जबाला गांव के राहुल कुमार ने किसी दोस्त की उपलब्ध करवाई थी। इसके बाद इन दोनों को भी गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने दो अन्य लोगों को भी काबू किया। अमित शर्मा के माध्यम से बादल ने हथियार लिए थे।
आरोपियों को विदेशी फंडिंग भी हुई
पुरानी रंजिश में तीन आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था, इसके लिए उन्हें विदेश भी फंडिंग हुई थी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पूरी वारदात में विदेश में बैठे लोगों की भी भूमिका है। पुलिस विदेशी हैंडलर तक पहुंचने के प्रयास कर रही है। पीड़ित रणजीत सिंह का आरोप है कि यह हमला गांव के सरपंच की रंजिश के चलते करवाया गया है। उन्होंने एक बार सरपंच के दोस्त को अस्पताल पहुंचाने में मदद की थी, जिससे सरपंच नाराज था और उसी बात को लेकर यह जानलेवा हमला करवाया गया।