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बिजली के कट और फ्यूज की टेंशन खत्म

Sun, 21 Sep 2014 12:31 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
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बिजली निगम जिले के लोगों को बार-बार लग रहे कट और उड़ रहे फ्यूजों की समस्या से निजात दिलाने के लिए ‘पैट टेक्नोलॉजी ’ लेकर आया है। इसमें बिजली निगम नये ट्रांसफार्मर के साथ-साथ नई लाइन भी बिछाएगा।
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मौजूदा ट्रांसफार्मर और लाइन को उखाड़ लिया जाएगा। इस नये कांस्कांसेप्ट कांस्पेट में बिजली निगम के अधिकारियों का दावा है कि बिजली चोरी, लाइन लोस, ट्रांसफार्मर से क्वाइल चोरी, ट्रांसफार्मर जलने जैसी स्थिति नहीं होगी। जिले में इस कार्य को शुरू करने के लिए वर्क ऑर्डर दे दिए हैं और आगामी दस से पंद्रह दिन में काम चालू हो जाएगा। इस पूरे सिस्टम पर डेढ़ करोड़ रुपये मंजूर हो गए हैं।

जिले में मौजूदा समय में वर्षों पुराने बिजली ढर्रे पर सप्लाई चल रही है। कहीं तार ढीले हैं तो कहीं ट्रांसफार्मर कम लोड के चलते बार-बार जलते हैं। इससे लोग परेशान हैं। अब नये सिस्टम में 250-250 किलोवाट के 156 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। ये ट्रांसफार्मर की बॉडी बिल्कुल कवर है। जिनमें से अंदर से क्वाइल की चोरी नहीं हो सकती। नई लाइन में तार कम और केबल अधिक लगाई जाएगी।
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केबल लगाने का फायदा है कि कुंडी लगाकर बिजली चारी नहीं हो सकती। जिले में करीब 27 प्रतिशत लाइन लोस है। केबल से लाइन लोस काफी घट जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि लगभग एरिया में 150 से 200 किलोवाट क्षमता से काम चल सकता है। लेकिन भविष्य में लोड कनेक्शन बढ़ने के साथ-साथ लोड बढ़ने की आशंका को लगाते हुए 250 किलोवाट के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इससे ट्रांसफार्मर लोड के चलते नहीं जलेंगे।

एरिया बाइस लगेंगे ट्रांसफार्मर
बिजली निगम के कर्मचारी मनोज शर्मा ने बताया कि सिटी डिवीजन नंबर एक में 114 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इसमें इंद्री एरिया शामिल है। सिटी डिवीजन नंबर दो में 28 ट्रांसफार्मर लगेंगे। इसमें असंध एरिया शामिल है। सिटी डिवीजन में 14 ट्रांसफार्मर लगेंगे। इसमें नेवल, रामनगर का एरिया भी शामिल है। जगह-जगह लग रहे ट्रांसफार्मर को हटाकर उक्त एरिया की एक ही ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई हो जाएगी।

ट्रांसफार्मर बदलवाने में निकलता है पसीना
मौजूदा समय में ट्रांसफार्मर बदलवाने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिकायत के बाद भी उन्हें तय समय पर ट्रांसफार्मर नहीं मिलता। इससे वह अंधेरे में रहते हैं। बिजली न आने पर वाटर सप्लाई रुक जाती है। लोड अधिक रहता है और ट्रांसफार्मर कम किलोवाट के लगाए हुए हैं। इससे ट्रांसफार्मर जलते रहते हैं। लोगों का कहना है कि नया ट्रांसफार्मर लेने पर भी पैसे देने पड़ते हैं। कुछ दिन पहले भी बिजली निगम का एक जेई ट्रांसफार्मर लगवाने की एवज में दस हजार रुपये लेते पकड़ा जा चुका है।
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