संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर परिषद का महत्वाकांक्षी सिटी स्क्वायर प्रोजेक्ट पिछले एक साल से अधर में लटका हुआ है और अब अधिकारियों के लिए चुनौती बन गया है। शहर की सूरत बदलने का दावा करने वाला यह ड्रीम प्रोजेक्ट खुद बदहाली का शिकार है। इसके लिए आगामी 24 अप्रैल को 19 करोड़ का टेंडर लगाया जाना है।
गौरतलब है कि अब तक कई बार टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं, लेकिन किसी भी निर्माण एजेंसी ने इस अधूरे काम को पूरा करने में रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में विभाग ने एक बार फिर 24 अप्रैल को 19 करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी करने का निर्णय लिया है।
यह प्रोजेक्ट शहर के सौंदर्यीकरण और नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन लंबे समय से निर्माण कार्य ठप पड़ा है। इससे न केवल लागत बढ़ी है, बल्कि तय समयसीमा भी पीछे खिसकती जा रही है। अधिकारियों के लगातार प्रयासों के बावजूद कोई भी ठेकेदार इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं दिख रहा।
ये हैं कारण
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अधूरा काम और जोखिम : किसी अन्य द्वारा छोड़े गए काम को नए सिरे से शुरू करने में तकनीकी जटिलताएं और जोखिम अधिक होते हैं।
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लागत में वृद्धि : प्रोजेक्ट की लागत अब 19 करोड़ तक पहुंच गई है, लेकिन मौजूदा बाजार दरों और पुराने बजट के बीच तालमेल न बैठना भी एक कारण हो सकता है।
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कठिन नियम व शर्तें : नगर परिषद द्वारा टेंडर की प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों को लेकर रखी गई कड़ी शर्तें भी संभावित बोलीदाताओं को पीछे धकेल रही हैं।
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सिटी स्क्वायर के जरिए जिस आधुनिक मनोरंजन और व्यावसायिक सुविधाओं की उम्मीद थी, वह फिलहाल अधूरी पड़ी है। नगर परिषद अब पूरी कोशिश में जुटी है कि 24 अप्रैल को होने वाली टेंडर प्रक्रिया में किसी सक्षम एजेंसी का चयन हो सके, ताकि इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारा जा सके।
सिटी स्क्वायर प्रोजेक्ट को जल्द पूरा किया जाएगा। इसके लिए नई एजेंसी हायर करने की प्रक्रिया जारी है।
- कपिल शर्मा, जिला नगर आयुक्त