नीरज दिव्यांग हैं। 40 फीसदी शरीर काम नहीं करता। लेकिन उनसे बात कीजिए, जज्बा आसमान छूने का है। बैडमिंटन खिलाड़ी नीरज ने कमजोरी को ताकत बनाकर अपने परिवार व समाज का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया है।
नीरज सामान्य परिवार से संबंध रखती हैं। शादी के बाद 10 साल तक पूरी तरह से गृहस्थी को संभाला। पति सुभाष शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनको नीरज के बैडमिंटन खेलने के बारे में पता चला तो प्रोत्साहित किया। अब नीरज एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। नीरज ने बताया कि वर्ष 2021 में उन्होंने पहली बार उड़ीसा में राष्ट्रीय स्तर पर भाग लिया। 2022 में इंडोनेशिया ओपन सिंगल व डबल मिक्स्ड में कांस्य पदक हासिल किया। वर्ष 2025 में खेलो इंडिया गेम्स में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किया। स्पेन और ऑस्ट्रेलिया में आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त किया। उन्होंने इसके लिए पति को धन्यवाद दिया। कहा कि उनके साथ और भरोसे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाने में सक्षम बनाया।
प्रस्तुति : मानसी मौर्य