इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने शहर में पीएनजी पाइपलाइन बिछाने के बाद करीब 10 हजार उपभोक्ताओं से बिना पते के प्रमाण और आधार कार्ड लिए ही उनको घरों पर मीटर लगा दिए। अब इनकी पहचान नहीं हो पा रही। अब आईजीएल सर्वे कराकर इनकी पहचान कराएगा। उपभोक्ताओं के डाटा पर उनकी पहचान के लिए डोर टू डोर सर्वे कराया जाएगा। इस बार आधार कार्ड के साथ उनका परिवार पहचानपत्र भी लिया जाएगा।
डीएफएससी मुकेश कुमार ने बताया कि सर्वे के दौरान यह देखा जाएगा कि किस घर में पीएनजी कनेक्शन लगा है, किन घरों में वह चालू नहीं है और किन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी के साथ-साथ एलपीजी कनेक्शन भी हैं। उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन शुरू कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से प्लंबर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि तकनीकी कारणों से कनेक्शन चालू कराने में किसी तरह की दिक्कत न आए। जिन उपभोक्ताओं के घरों में पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हो जाएगा, उनसे एलपीजी कनेक्शन वापस लिया जाएगा। इसके बाद वे सिलेंडर की रिफिल नहीं करा सकेंगे।