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Karnal News: विदेश जाने की चाह में लुटे

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- छह लोगों के साथ 1.41 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, अब दे रहे धमकी
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। लगातार ठगी की वारदात सामने आने के बावजूद लोग लापरवाही बरतकर आर्थिक नुकसान झूल रहे हैं। जिले में विभिन्न चार थाना क्षेत्रों के छह लोगों ने विदेश जाने की चाह में 1.41 करोड़ रुपये गंवा दिए। इनमें सेक्टर-32-33 थाना क्षेत्र व असंध थाना क्षेत्र से दो-दो और इंद्री व सदर थाना क्षेत्र में एक-एक मामला दर्ज है। छह मामलों में एक से 56 लाख रुपये, दूसरे 11 लाख रुपये, तीसरे से 16 लाख रुपये, चौथे से 30 लाख रुपये, पांचवें से 20.30 लाख रुपये तो छठे व्यक्ति से आठ लाख रुपये ठग लिए। सभी ने संबंधित थाना में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवा कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
केस-1

जलमाना गांव निवासी रणजीत सिंह ने असंध थाना पुलिस को बताया कि वह अपने परिवार सहित विदेश जाना चाहता था। इसको लेकर वह हरदीप व रजवंत सिंह निवासी नजदीक जेपीएस स्कूल निसिंग की उसके गांव जलमाना में रिश्तेदारी है। जिसके कारण गांव में ही उसकी जान पहचान हुई। दोनों आरोपी उसे कहने लगे कि वे विदेश भेजने का काम करते हैं। अगर आपको विदेश जाना है तो काम दिलवा देंगे। फिर उन्होंने बताया कि ममतेश कुमार निवासी ब्रांस व राजेश कुमार निवासी पधाना भी उनके साथ काम करते हैं।
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पीड़ित ने बताया कि उसकी आरोपियों से उसे, उसकी पत्नी व बेटे को एक नंबर में कनाडा भेजने के लिए 71 लाख रुपये में बात हुई। आरोपियों ने उससे 25 अक्तूबर 2021 को 56 लाख रुपये में से कुछ ट्रांसफर कराए लिए व कुछ नकद ले लिए। इसके बाद जल्द काम करवाने का आश्वासन दिया लेकिन आज तक न तो वीजा आया और न ही उन्हें विदेश भेजा।

केस-2

सालवन गांव निवासी प्रदीप सिंह ने असंध थाना पुलिस को बताया कि स्टडी वीजा के नाम पर वह विदेश जाना चाहता था। जिसके लिए उसने हर्ष निवासी बाल पबाना व अजय निवासी सालवन से विदेश जाने के लिए 25 लाख रुपये में बात की। उन्होंने बताया कि वे उसे सुरक्षित विदेश भेज देंगे और वहां पर पढ़ाई के साथ-साथ काम भी दिलवा देंगे। ऐसे में दोनों आरोपियों ने उसे लालच दिया और उससे पासपोर्ट सहित अन्य कागजात ले लिए। कुछ दिन बाद आरोपियों ने उसे फोन कर कहा कि उसका काम जल्द होने वाला है। ऐसे में उसे आधे रुपये दे दो। इसके बाद उसने आरोपियों को 11 लाख रुपये नकद घर पर दिए। रुपये लेने के कुछ दिन बाद उसने विदेश जाने की बात पूछी तो उन्होंने फिर से कहा कि बस जल्दी ही उसका वीजा आ जाएगा। उसके बाद वे उसे विदेश भेज देंगे। कई बार फोन करने के बाद आरोपियों ने उसे विदेश भेजने से मना कर दिया।

केस-3

इंद्री निवासी दीपक कुमार ने इंद्री थाना पुलिस को बताया कि उसने अपने बेटे नमन को विदेश भेजने के लिए लाडवा में स्टडी वीजा की फाइल अप्लाई के लिए गुलाब सिंह के केंद्र पर गया। वहां एक व्यक्ति राजेश कुमार भी किसी की फाइल लेकर आया था। उसने मुझे बताया कि वह भी विदेश भेजने का काम करता है और वर्क परमिट पर बच्चों को विदेश में सेटल करता है। आरोपी ने उससे उसका नंबर ले लिया। इसके बाद अप्रैल 2024 में आरोपी राजेश ने उसे फोन किया और उसे जर्मनी में वर्क परमिट निकले होने की बात कही और कहा कि वह उसके बेटे को वहां पर अच्छा काम भी दिलवा देगा। आरोपियों ने उससे 16 लाख रुपये ले लिए।
इसके बाद आरोपियों ने उसके बेटे को दिल्ली से जर्मनी भेजने की बजाय फिजी भेज दिया और उसे विश्वास दिलाया कि वे उसे फिजी से जर्मनी भेज देंगे लेकिन वहां पर एक सप्ताह रुकने के बाद जब आरोपियों ने उसे संपर्क नहीं किया तो उसने अपने बेटे को किसी अन्य एजेंट की मदद से भारत वापस बुला लिया। जब वे आरोपी के घर बडौदा गए तो आरोपी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया और रुपये देने से मना कर दिया।

केस- 4

पिचौलिया गांव निवासी राजेंद्र ने सदर थाना पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में उसकी सुरेश से मुलाकात हुई। आरोपी ने बताया कि वह उसके बेटे को अमेरिका भेज देगा तो उसने उस पर विश्वास कर लिया। आरोपी उससे उसके बेटे के सारे जरूरी कागजात लेकर चला गया। कुछ माह बाद आरोपी ने उससे 30 लाख रुपये लेकर उसके बेटे को अमेरिका भेजने के बजाय दुबई भेज दिया, जहां उसको प्रताड़ित किया गया। किसी तरह से उसने अपने बेटे को दुबई से भारत बुलवाया। जब उसने आरोपी से रुपये वापस मांगे, तो उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।

केस- 5

बुढा खेड़ा निवासी सीमा ने सेक्टर-32-33 थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पति राजेंद्र कुमार की जान-पहचान कर्ण नामक व्यक्ति से थी, जो शिव कॉलोनी, करनाल का निवासी है। कर्ण ने राजेंद्र कुमार से कहा कि उसके परिचित जोगा सिंह उर्फ अगन और राज सिंह, विदेश भेजने का काम करते हैं।
कर्ण ने बताया कि ये लोग उन्हें यूरोप में वर्क परमिट पर भेज सकते हैं और इसके लिए 10.50 लाख रुपये में बातचीत हुई। इसके बाद उसके पति ने आरोपियों से पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज भी आरोपियों को सौंप दिए। इसके बाद उसने 10.50 लाख रुपये भी दे दिए लेकिन आरोपियों ने यूरोप भेजने के बजाय उसे दुबई और दुबई से कीनिया भेज दिया। जहां पर उसके पति को सात माह तक बंधक बनाकर रखा। इस बीच आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर उससे 20 लाख 30 हजार रुपये की ठगी कर ली।


केस-6

कर्ण विहार निवासी राजबीर सिंह ने सेक्टर-32-33 थाना पुलिस को बताया कि उसकी फरवरी 2024 में गोपाल के साथ मुलाकात हुई थी। जिसने बताया कि वह वर्क परमिट पर विदेश भेजने का काम करता है। उसने बताया कि उसका बेटा आशीष अपने परिवार सहित विदेश जाना चाहता था। जिस बारे उसने आरोपी गोपाल से बात की। आरोपी ने उसे बताया कि वह तीनों को 27 लाख रुपये में यूके भेज देगा। इसमें नौ लाख रुपये पहले और 18 लाख रुपये बाद में देने होंगे। ऐसे में उसने आरोपी पर विश्वास कर लिया और आरोपी को नौ लाख रुपये दे दिए।
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इसके बाद लगातार आरोपी के संपर्क में रहा। आरोपी की उससे जब भी बात होती। वह कहता कि जल्द वर्क परमिट आ जाएगा और वह उनके बच्चों को यूके भेज देगा। काफी दिन बीतने के बाद आरोपी ने कहा कि वह वर्क परमिट नहीं लगवा सकता और उसने उसे एक लाख रुपये वापस दे दिए और बाकी के रुपये के भी जल्द लौटाने की बात कही लेकिन छह माह बीतने के बाद भी आरोपी ने उसे रुपये नहीं लौटाए और आरोपी उसे परिवार सहित मारने की धमकी दे रहा है।
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