कुरुक्षेत्र क्षेत्र में पारा लुढ़कने से मंगलवार को जहां ठंड बढ़ गई, वहीं, धुंध ने वाहनों के रफ्तार भी धीमी कर दी।
मंगलवार को करीब 11 बजे सूर्य देवता ने लोगों को दर्शन दिए।
मंगलवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। घने कोहरे के कारण वाहनों का चक्का ठिठका और वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आए। ठंडी हवाओं के झोकों का असर बाजाराें में दिखा, जहां दोपहर तक रौनक गायब रही।
हालांकि दोपहर बाद सूर्य देव के दर्शन होने के बाद ठंड में कुछ कमी आई, लेकिन शाम होते-होते फिर से ठंड में इजाफा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, 14 और 15 दिसंबर को न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी।
मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर आठ डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले पांच दिनों में अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। एकदम से बढ़ी ठंड से लोगों का जीवन अस्तव्यस्त हो गया।
यहां तक की सुबह मार्केट भी देर से खुली। सड़कों पर सुबह 10 बजे तक वाहन लाइट चलाकर चलने पर मजबूर रहे। इतना ही नहीं, हाईवे पर एक साथ पांच गाड़ियों एक दूसरे से भिड़ गई। हालांकि इस घटना में लोगों को मामूली चोटें आईं।
गिरते तापमान में हृदय एवं मधुमेह रोगी बरते सावधानी
एलएनजेपी अस्पताल के छाती एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने बताया कि सर्दी से बचने के लिए इन्नर, लोवर एवं पूरे गले की स्वेटर का प्रयोग करें। गिरते तापमान से अधरंग, हार्ट अटैक, सांस की तकलीफ और निमोनिया जैसी बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है।
उच्च रक्तचाप एवं शूगर से पीड़ित रोगी रात को गिरते तापमान में घर से निकलने से बचें। ऐसे लोगों में बिना दर्द के हार्ट अटैक की संभावना हो जाती है। वहीं इसके अलावा डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने सलाह दी कि लोग सर्दी से बचने के लिए रात को अपने बंद कमरे में हीटर अथवा कोयले की अंगीठी न जलाएं। इनके प्रयोग से कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा समाप्त हो जाती है, जिससे व्यक्ति की मौत हो सकती है।