करनाल। एकता कॉलोनी के गुरुद्वारा नानकसर दरबार में आयोजित शहीदी समागम के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका और परिवार की सुख शांति की कामना की। सुंदर सजे दीवान में गुरु की महिमा का गुणगान करते हुए भाई चरणजीत सिंह हीरा ने गोबिंद के गुण गाओ, साधो गोबिंद के गुण गाओ.. और मित्र प्यारे नू हाल मूरीदां दा कहणा.. शबद गाकर सभी को भाव विभोर कर दिया।
समागम में बाबा अमृत सिंह भोला ने कहा कि शहीदों की शहादत को कभी भूलाया नहीं जा सकता। समागम में बाबा गुरमीत सिंह ने कहा कि हमें अपने गुरुओं के दिखाएं मार्ग पर चलना चाहिए, वहीं हमेशा जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए। जिस तरह गुरु नानक देव जी ने नाम जपो, कीरत करो, वंड छको का नारा दिया था। नाम जपो का मतलब... ईश्वर के नाम का स्मरण करो, उसे याद करो और अपनी चेतना को उच्च शक्ति से जोड़कर रखो। कीरत करो.. का अर्थ ईमानदारी और मेहनत से कमाई करो। वंड छको... अपनी कमाई और जो कुछ भी है, उसे जरूरतमंदों के साथ बांटो, जिससे सामुदायिक भावना और समानता बढ़े हमें ये नारा हमेशा याद रखना है। समागम के दौरान रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं ने रक्तदान किया और अपने नेत्रों की जांच करवाई। समागम के दौरान लंगर अटूट बरताया गया।