लॅारेंस बिश्नोई गैंग की जीटी बेल्ट में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के मद्देनजर हरियाणा पुलिस ने शिंकजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार को करनाल रेंज के आईजी सतेंद्र कुमार गुप्ता ने एसपी स्तर के अधिकारियों से बैठक की। इसमें उन्होंने लारेंस गैंग के गुर्गों को चिह्नित कर उन पर शिकंजा कसने के कड़े निर्देश दिए। गुर्गों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम भी गठित की गई है। यह टीम बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खंगालेगी, इसके बाद उन पर कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।
जीटी बेल्ट के अंबाला, यमुनानगर व करनाल आदि जिलों में अब तक लारेंस के 13 गुर्गे पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। ये भी कारोबारी, आढ़ती, सेलिब्रिटी और नेताओं को निशाना बनाते थे। उधर एनआईए लगातार लारेंस के नेटवर्क को खंगालने व उसे धवस्त करने में जुटी है। बीते दिनों यमुनानगर, अंबाला सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों में वह छापेमारी कर चुकी है। एक दिन पहले ही एक आरोप पत्र में एनआईए ने बताया कि लारेंस अपना नेटवर्क दाऊद इब्राहिम की तरह खड़ा कर रहा है।
काला राणा ने भी लारेंस से मिलाया हाथ
2013 में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले कुख्यात गैंगस्टर काला राणा ने भी लारेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी से हाथ मिला लिया है। अंबाला जेल में उसकी मुलाकात लारेंस से हुुई। 2017 में वह भगोड़ा घोषित हो गया। उस पर अंबाला में चार, यमुनानगर में 19, कुरुक्षेत्र में चार और फतेहाबाद में भी हत्या, छीनाझपटी, लूट के कई मामले दर्ज हैं।
अमेरिका में बैठ अमन सांभी चला रहा गैंग
करनाल पुलिस ने बीते माह बीर सिंह को गिरफ्तार कर उससे भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे। जांच में सामने आया था कि वह अमन सांभी गैंग का सदस्य है। अमन हत्या के मामले में जेल से जमानत के बाद अमेरिका चला गया था। सांभी गैंग का ही गैंगस्टर अंकुश कमालपुर और मुकेश जांबा है, जो इन दिनों जेल में बंद है। ये सभी लारेंस के लिए काम करते हैं।
गैंग में 500 से अधिक शूटर
महज 31 साल के लारेंस पर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2011 में चंडीगढ़ छात्रसंघ चुनाव में हार के बाद विजेता उम्मीदवार पर फायरिंग के बाद वह पहली बार चर्चाओं में आया था। एक के बाद एक गैंगस्टरों से हाथ मिला उसने ताकत बढ़ाई और अब खालिस्तान आतंकियों के साथ मिलकर वह वारदात को अंजाम दे रहा है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि लारेंस के गिरोह में 500 से अधिक शूटर हैं।
गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। बदमाशों पर सख्ती करने के लिए एसपी के साथ बैठक की गई है, ताकि अपराध पर अंकुश लगाया जा सके। बदमाशों को चिह्नित कर उनकी हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है।
-सतेंद्र कुमार गुप्ता, आईजी करनाल रेंज