माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दयाल सिंह पब्लिक स्कूल, सेक्टर-सात में नैतिकता और ईमानदारी विषय पर एक दिवसीय इन-हाउस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें शिक्षकों में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना, कार्यस्थल पर ईमानदारी के महत्व को परिभाषित किया गया। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में नैतिक नेतृत्व को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में पहुंची सीबीएसई रिसोर्स पर्सन अंबिका कपिल ने अपने अनुभव के आधार पर प्रतिभागियों को नैतिक दुविधाओं, निर्णय क्षमता, व्यावसायिक शुचिता तथा उत्तरदायित्वपूर्ण आचरण जैसे विषयों से परिचित कराया। उन्होंने नैतिक शिक्षा एवं नेतृत्व विकास के महत्व को भी शिक्षक - शिक्षिकाओं को समझाया। अंबिका कपिल ने संवाद, कार्यशाला, समूह चर्चा तथा केस स्टडी जैसे प्रभावी शैक्षणिक उपकरणों का प्रयोग किया। इन गतिविधियों ने प्रतिभागियों को विषयवस्तु से न केवल जोड़ा, बल्कि उन्हें आत्ममंथन का अवसर भी प्रदान किया। विद्यालय के शिक्षकों ने प्रशिक्षण सत्र को सारगर्भितव व्यवहारिक बताया।
प्रधानाचार्या शालिनी नारंग ने आश्वस्त किया कि विद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार के विषयों पर समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, जिससे शैक्षणिक वातावरण को अधिक नैतिक, समर्पित एवं संवेदनशील बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षक की भूमिका केवल ज्ञान-वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि वह विद्यार्थियों के चारित्रिक निर्माण में भी अहम भूमिका निभाता है।