माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्ण नगरी के शिक्षकों को जापानी शिक्षा तकनीक के गुर सिखाये जा रहे हैं। निफा की ओर से विशेष रूप से दो दिवसीय जापानी पैनल थियेटर कार्यशाला का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों को इस पद्धति के टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि यह पद्धति स्मार्ट क्लास से ज्यादा बेहतर है। क्योंकि इसमें दो तरफा संवाद होता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता निफा के संस्थापक अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नू ने की। वहीं मुख्यातिथि समाजसेवी सुनील बिंदल पहुंचे। जापानी दल की संयोजक इतिसुकों फ़ूजीमोतो नंदी ने बताया कि इस तकनीक की शुरुआत एक बौद्ध साधु द्वारा की गई थी। इस समय जापान के साथ-साथ अन्य देशों में भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जापान के शीगाकिन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मसायो तानाका ने मुख्य ट्रेनर के रूप में आज सभी प्रतिभागियों को किसी भी विषय को कहानी के रूप में बदलने, उस कहानी को बोर्ड पर प्रदर्शित करने व उस बोर्ड पर आसानी से चिपकने वाले पी पेपर को काट कर कहानी के पात्र बनाने, उन्हें रंग करने व उनका प्रदर्शन करने की विधि से अवगत किया।
भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, मॉरीशस, मंगोलिया, श्रीलंका, आयरलैंड जैसे अनेक देशों में पैनल थियेटर की शिक्षा दे चुकी मसायो तनाका ने बताया कि यह तकनीक छोटे बच्चों के साथ साथ मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों के विशेष स्कूलों में भी इस्तेमाल की जा रही है और इसके रिजल्ट बहुत उत्साहजनक हैं।
अन्य सदस्यों में कोशीगाया निशी स्कूल फ़ार स्पेशल नीड्स की टीचर मियूकी तनाका व जापान की प्राइमरी स्कूल टीचर मिदोरी योकोयामा ने पैनल बोर्ड पर तकनीक का बेहतरीन प्रदर्शन किया जिसे खूब सराहा गया। इस अवसर पर शिक्षाविद जसवंत रेडू, निफा के प्रदेशाध्यक्ष श्रवण शर्मा व महिला विंग की सचिव डॉ. भारती भारद्वाज मौजूद रहे।