- कर्ण स्टेडियम में सुविधाओं का आभाव, खिलाड़ी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण स्टेडियम में सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है। यहां के एथलेटिक्स ट्रैक, कुश्ती हॉल की स्थिति खराब है। सिंथेटिक ट्रैक के पास में ही खिलाड़ियों के लिए बनाए गए शौचालयों की स्थिति काफी खस्ता है, गंदगी से लबालब बदबूदार शौचालयों में जाना खिलाड़ी पसंद नहीं कर रहे।
कर्ण स्टेडियम में छह वर्ष पहले करीब सात करोड़ रुपये की लागत से बने सिंथेटिक ट्रैक पर पानी की निकासी उचित न होने के कारण, अब यह ट्रैक उखड़ने लगा है। वहीं रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्ट भी गंदगी से अटे है। एथलेटिक्स ट्रैक के साथ लगते ही शौचालयों के सामने गंदगी के अंबार लगे है वॉलीबॉल कोर्ट के अंदर दर्शकों के लिए लगाए गए सीमेंट के बेंच टूटे पड़े है। कोर्ट के चारों ओर बना लोहे का जाल भी टूटने लगा है। बास्केटबॉल कोर्ट का ट्रैक भी पानी रुकने के कारण उखड़ने लगा है। इसके साथ ही लगते स्केटिंग हॉल की स्थिति बदतर है, यहां तारों का खुला जंजाल है। ऐसे में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यहीं पर टूटे हुए खेल उपकरणों का ढ़ेर लगा है तथा शौचालयों पर ताला जड़ा है।
छिद्र बंद होने से पानी की निकासी रूकी
छह वर्ष पहले कर्ण स्टेडियम में करीब सात करोड़ रुपये की लागत से जिले में बेहतर एथलीट तैयार करने के लिए सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण करवाया गया था। अब इस ट्रैक पर पानी की निकासी के लिए बने सभी छिद्र बंद हो चुके है इससे ट्रैक उखड़ने लगा है। वहीं चार वर्ष पहले 2.44 करोड़ रुपये की लागत से तीन वॉलीबॉल और दो बास्केटबॉल कोर्ट को सिंथेटिक बनाया गया था। चार साल बाद ही यह कोर्ट उखड़ने लगे हैं।
वर्षा जल संचयन गंदगी से अटे
कोर्ट का मुआना करने पर पाया गया कि कहीं ट्रैकों पर पानी की उचित निकासी नहीं है जिस कारण इनमें पानी रुकता है। यही नहीं स्टेडियम में वर्षा जल संचयन के लिए बने सभी बोरवेल गंदगी से अटे हैं। सिंथेटिक ट्रैक समतल न होने से कोर्ट पर बिछी रबड़ उखड़ने लगी हैं। यदि समय रहते इन्हें दुरुस्त नहीं करवाया गया तो पूरी रबड़ भी उखड़ सकती है।
इन कोर्ट पर विभाग की ओर से पेचवर्क करवाया गया था, लेकिन दोबारा से कोर्ट से रबड़ फटने का मामला उनके संज्ञान में आया है। वह बैठक के दौरान सभी खेल प्रशिक्षकों से उनके मैदान की स्थिति की रिपोर्ट लेते हैं। बारिश का सीजन समाप्त होते ही सभी ट्रैक दुरुस्त करवाए जाएंगे। शौचालयों की मरम्मत करवा दी गई है, सुबह व शाम को अभ्यास के समय ही इन्हें खोला जाता है, दिन के समय यह बंद रखे जाते है। वहीं सिंथेटिक ट्रैक में निकासी के बने छिद्र भी कल ही खुलवा दिए जाएंगे।
- राकेश पांडेय, उप निदेशक एवं जिला खेल अधिकारी, करनाल