करनाल शहर के सिंडिकेट बैंक के डेढ़ सौ उपभोक्ताओं के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी होने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी बैंक के मान्यता प्राप्त पैसे एकत्रित करने वाले क्लेक्शन एजेंट ने की है। कई दिन पहले एजेंट की अचानक अटैक हो जाने से मौत होने के कारण पैसा जमा कराने वाले उपभोक्ताओं और बैंक अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई।
शहर के सदर बाजार क्षेत्र निवासी दीपक कथूरिया पिछले काफी वर्षों से शहर के मुख्य सिंडिकेट बैंक का एजेंट था। वह रोजाना और महीने में उपभोक्ताओं से बैंक में जमा कराने के लिए पैसा लेकर आता था। उसने काफी उपभोक्ताओं को रसीदें पूरी दे रखी थी लेकिन बैंक में पैसा जमा नहीं करवाया गया।
ऐसे हाल में करीब डेढ़ सौ से अधिक लोगों के साथ धोखाधड़ी करने की जानकारी फिलहाल दी जा रही है। पूरा मामला तो जांच के बाद ही खुलकर सामने आएगा। यह सही है है कि उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी हुई है। इसके लिए बैंक अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि वास्तव में घोटाला तो हुआ है।
इसके लिए काफी लोग उनके पास शिकायत लेकर पहुंचे हैं। शहर में डेंटिंग पेंटिंग की वर्कशॉप चलाने वाले बैंक के खाताधारक सुनील कुमार ने अमर उजाला को बताया कि वे इस मामले में बैंक के सीनियर मैनेजर को शिकायत कर चुके हैं। उनके अनुसार वे पचास रुपये रोजाना देते थे।
वे पहले डेली भुगतान करते थे लेकिन एजेंट दीपक कथूरिया से कई बार पैसे देने और नहीं देने की बात पर विवाद हो जाता था। ऐसे में उन्हें दोबारा पैसा देना पड़ता था। कुछ दिन पूर्व उन्होंने महीने में एकमुश्त भुगतान करना प्रांरभ कर दिया।
इसी वर्ष दिसंबर महीने में बैंक की स्कीम के अनुसार उनका खाता पूरा होना था और उन्हें एक लाख से अधिक रुपया मिलना चाहिए था। उसके पास दीपक कथूरिया के हाथ से दी गई 92 हजार 800 रुपये की रसीद है। कुछ ब्याज लगता तो एक लाख से अधिक मिलता लेकिन बैंक में चेक करवाया तो उसका पैसा 36-37 हजार ही जमा है।
उनसे करीब 70 हजार का फ्रॉड किया गया है। उनके जैसे डेढ़ सौ से अधिक लोग बैंक के चक्कर काट रहे हैं। कम से कम मोटे अनुमान के तौर पर 25 लाख रुपये का फ्रॉड किया गया है। उनके पैरोें के तले की जमीन तब खिसक गई, जब उनको दीपक कथूरिया की मौत की जानकारी मिली।
इसके बाद लोगों का बैंक में तांता लगना प्रारंभ हो गया। सुनील कुमार की मानें तो बैंक अधिकारियों को संभवत: पहले से ही इस बात का पता था। वे दीपक को बचाने के लिए बैंक में रुपया जमा कराने की बात करते रहे। रुपया जमा वह नहीं करवा सका और इस बीच उसकी मौत हो गई।
उच्चाधिकारियों से बात करेंगे
सीनियर प्रबंधक के तौर पर उन्होंने बुधवार को ही चार्ज लिया है। करीब दस बारह लोग उनको इस संबंध में लिखित शिकायत दे चुके हैं।
बैंक अपने स्तर पर चेक करवाएगा कि लोगों के साथ कितना फ्रॉड हुआ है। बैंक की सही रसीद देने वाले लोगों का जो पैसा जमा होगा, वह जरूर दिया जाएगा। बैंक में जमा पैसा कभी नहीं मरता है। शिकायत करने वाले लोगों की संख्या और बढ़ सकती है।
एजेंट दीपक कथूरिया की मौत हो चुकी है। यह मामला जांच का विषय है। पहले प्रबंधक एसके चावला उनके बैंक में ज्वाइन करने से पहले रिलीव होकर जा चुके थे।
मामले में अभी पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उच्चाधिकारियों से बात करेंगे। आवश्यकता समझी गई तो शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी।
सुरेश नारंग, वरिष्ठ प्रबंधक, सिंडिकेट बैंक
हेड टीचर ने दूसरी कक्षा की छात्रा को पीटा, बवाल
घरौंडा के राजकीय प्राथमिक स्कूल नंबर दो के मुख्य अध्यापक की ओर से दूसरी कक्षा की एक छात्रा की बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है।
इससे गुस्साए परिजनों ने मुख्य अध्यापक की शिकायत पुलिस में कर दी है। पुलिस में शिकायत के बाद हेड टीचर ने छात्रा के परिजनों से माफी मांगकर समझौते की मांग की है लेकिन छात्रा की मां हेड टीचर के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग पर अड़ी हुई हैं।
बुधवार सुबह दूसरी कक्षा की छात्रा की मां बच्ची को स्कूल छोड़ने आई थी लेकिन छात्रा स्कूल में नहीं रहना चाहती थी। मुख्य अध्यापक नरेंद्र देव ने छात्रा को स्कूल में रहने के लिए कहा और जब छात्रा नहीं मानी तो मुख्य अध्यापक का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया और उसने छात्रा की मां को स्कूल के कमरे से बाहर निकालकर छात्रा की बेरहमी से पिटाई करनी शुरू कर दी।
इससे छात्रा का दांत होंठ में लगा और उसे खून आना शुरू हो गया। अपनी बच्ची की पिटाई होता देख लड़की की मां अपने घर ले आई और परिजनों को हेड टीचर की करतूत के बारे में बताया। गुस्साए परिजनों ने मुख्य अध्यापक की शिकायत पुलिस में कर दी।
शिकायत मिलने के बाद वीरवार सुबह पुलिस स्कूल में पहुंची और जांच की। पुलिस को स्कूल में आया देख हेड टीचर वार्ड के पार्षदों व अन्य टीचरों के साथ छात्रा के परिजनों से माफी मांगने के लिए उनके घर पहुंचा। काफी लंबी बहस के बाद परिजनों ने हेड टीचर से पुलिस के समक्ष माफी मांगने की बात कही।
छात्रा की मां का कहना है कि मुख्य अध्यापक ने बहुत ही बुरी तरह से उनकी बच्ची को पीटा है। इससे बच्ची सहम गई है और हेड टीचर से खौफजदा है। छात्रा की मां ने हेड टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अन्य बच्चों में भी दहशत
स्कूल के छात्र-छात्राएं व अध्यापिकाएं भी मुख्य अध्यापक के सख्त रवैये से परेशान हैं। स्कूल की अध्यापिका ने बताया कि मुख्य अध्यापक का रवैया बहुत सख्त है।
वे बच्चों को बहुत ही बेरहमी से पीटते हैं। हेड टीचर का कहना है कि वे किसी की भी नहीं सुनते। वहीं, स्कूल की छात्राओं ने भी दबी आवाज बताया कि हेड टीचर का रवैया सख्त है और वे चाहे बच्चा बुखार में हो या अन्य परेशानी में, पीटते हुए परवाह नहीं करते, जिससे बच्चों में दहशत है।
कोई पिटाई नहीं की
मुख्य अध्यापक नरेंद्र देव ने आरोपों को निराधार बताया है। हेड टीचर का कहना है कि जब उन्होंने छात्रा की मां से बच्ची को अपनी ओर खींचा तो इस दौरान बच्ची का दांत उसके होंठ में लग गया, जिससे उसे चोट लगी।
इसके अलावा उन्होंने बच्ची की कोई पिटाई नहीं की। स्कूल में अनुशासन बनाए रखने के लिए बच्चों को केवल डांट फटकार ही लगाई जाती है ताकि स्कूल में अनुशासन के नियमों का पालन हो।
परिजनों ने की है शिकायत
पुलिस के जांच अधिकारी सुल्तान सिंह ने बताया कि उनको छात्रा के परिजनों ने शिकायत दी है। स्कूल के हेड टीचर व छात्रा के परिजनों को थाने में बुलाया गया है। दोनों पक्षों की बात के बाद ही मामले पर कार्रवाई की जाएगी।