फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: अंबाला में सहानुभूति व करनाल में भाजपा का जातिगत कार्ड, प्रदेश में मध्यप्रदेश फार्मूला अपनाया

Thu, 14 Mar 2024 08:49 AM IST
नवीन दलाल मोहित धुपड़, करनाल (हरियाणा)

सार

हरियाणा सियासी हलचलें लगातार जारी है। बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए करनाल में अपनी पुरानी रणनीति के तहत जातिगत कार्ड खेलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को चुनावी रण में उतारा है। वहीं, अंबाला सीट पर रतनलाल कटारिया की पत्नी बंतो को टिकट देकर सहानुभूति कार्ड खेला है।
विज्ञापन
हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने हरियाणा में छह सीटों पर प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। भिवानी, फरीदाबाद और गुरुग्राम में जहां तीनों मौजूदा सांसदों को ही चुनावी समर में उतारा गया है, वहीं सिरसा में भाजपा ने चेहरा बदला है। जीटी बेल्ट की कुल तीन सीटों में से करनाल और अंबाला के प्रत्याशी भी घोषित हो गए हैं।

विज्ञापन


चंडीगढ़ से दिल्ली वाया करनाल अब केंद्रीय राजनीति में जाने की तैयारी में मनोहर लाल
अंबाला सीट पर भाजपा ने सहानुभूति कार्ड खेलते हुए पूर्व सांसद एवं केंद्र में जल शक्ति मंत्रालय और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रहे रतनलाल कटारिया की पत्नी बंतो को टिकट दिया है। करनाल में भाजपा ने अपनी पुरानी रणनीति के तहत जातिगत कार्ड खेलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को चुनावी रण में उतारा है।

ऐसा कर भाजपा ने मध्यप्रदेश वाला फार्मूला हरियाणा में भी अपनाया है। वहां भी शिवराज चौहान को मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें विदिशा सीट से प्रत्याशी बनाया है। इसी तरह भाजपा हाईकमान हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी अब वाया करनाल दिल्ली ले जाकर उन्हें केंद्रीय राजनीति में सक्रिय करने की इच्छा रखता है।

विज्ञापन

अंबाला सीट पर 1999 में रतनलाल कटारिया पहली बार भाजपा की टिकट पर सांसद बने थे। उसके बाद दो बार कुमारी सैलजा से शिकस्त खाने के बाद मोदी लहर में कटारिया वर्ष 2014 और 2019 में फिर सांसद बने। इस दौरान बंतो कटारिया भी रतनलाल के साथ उनके सियासी सफर में पूरी तरह सक्रिय रही। भाजपा ने बंतो को कई महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रखा और इस वक्त भी बंतो प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष और कुरुक्षेत्र की प्रभारी हैं।

18 मई 2023 को अचानक मौजूदा सांसद रतनलाल कटारिया के निधन के बाद अंबाला सीट खाली हो गई। इस सीट पर उपचुनाव की अटकलें चलती रहीं मगर उपचुनाव नहीं हो पाया। इसी दौरान 29 जून को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह अंबाला लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत यमुनानगर रैली में बंतो के सिर पर हाथ रखकर वहां मौजूद लोगों के समक्ष यह कह गए थे कि ‘यह बेटी अब आपके हवाले है।’ तभी से यह तस्वीर लगभग साफ हो गई थी कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा अंबाला सीट से बंतो को ही मैदान में उतारकर सहानुभूति कार्ड खेल सकती है।
विज्ञापन

उधर करनाल सीट पर राजनीतिक परिदृश्य काफी हद तक जातिगत फेक्टर के इर्द-गिर्द घूमता है। करनाल क्षेत्र के अंतर्गत पानीपत जिला भी आता है। इस क्षेत्र में चुनाव के दौरान पंजाबी मतदाता निर्णायक माना जाता है। वर्ष 2014 व 2019 में भाजपा ने इस सीट पर पंजाबी प्रत्याशी को ही लोकसभा का टिकट देकर उतारा था और जीत हासिल की थी। अब 2024 में इस सीट पर भाजपा ने अपनी पुरानी रणनीति के तहत ही एक बार फिर पंजाबी प्रत्याशी पर ही दांव खेला है। अब देखना यह है कि अंबाला और करनाल सीट पर भाजपा की रणनीति कितनी सटीक बैठती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें