सतलुज यमुना लिंक नहर को पाटते हुए लोग
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एसवाईएल के पानी को लेकर हरियाणा और पंजाब के बीच मुद्दा ज्यादा खींच गया है, मुझे नहीं लगता यह जल्द ही निपट पाएगा। दोनों प्रदेश के नेता एक-दूसरे का विरोध कर रहे हैं। सोमवार को यह बातें सांसद अश्विनी चोपड़ा ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। वे सोमवार को खुला दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनने पहुंचे थे, हालांकि शिकायत लेकर कम लोग ही पहुंचे। कुछ लोगों ने अपनी मांगें जरूर सांसद के सामने रखे। इससे पहले, उन्होंने कहा कि एसवाईएल को लेकर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय भी हरियाणा के पक्ष में आ गया है। फिर भी दोनों प्रदेशों के नेता पानी को लेकर अड़े हुए हैं। इसीलिए यह मामला जल्दी खत्म होने वाला नहीं है। नोटबंदी के असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का नोटबंदी का फैसला अच्छा है। थोड़े दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे। राहुल गांधी के ब्यास जाने को लेकर सांसद ने कहा कि यह पॉलिटिकल स्टंट है। इससे कांग्रेस को वोट नहीं मिलेंगी। खुले दरबार के दौरान भाजपा समर्थक अपने मांगपत्र लेकर सांसद के पास पहुंचे, लेकिन कोई आमजन अपनी शिकायत लेकर नहीं पहुंच पाया। अधिकतर लोगों को पता ही नहीं था कि सांसद समस्याएं सुनने के लिए खुला दरबार लगाएंगे।
सप्ताह में दो दिन करनाल और दो दिन पानीपत सुनेंगे समस्याएं
लोकसभा क्षेत्र में कम आने से लोगों की नाराजगी के बारे में पूछने पर सांसद ने कहा कि पार्लियामेंट सेशन चल रहा था, वह उसमें व्यस्त थे। अब फ्री हुए हैं, इसलिए अब सप्ताह में दो दिन करनाल और दो दिन पानीपत के लोगों की समस्याएं सुनेंगे। करनाल के गांवों का वह दौरा करके विकास कार्यों के लिए पैसा दे चुके हैं। अब ज्यादा समय पानीपत के गांवों में बिताएंगे और वहां के लोगों को विकास कार्यों के लिए 9 करोड़ रुपये देंगे। वहीं खुला दरबार लगाकर समस्याएं सुनने के दौरान सांसद चोपड़ा के साथ केवल भाजपा नेता जगमोहन आनंद ही दिखाई दिए, जबकि अन्य भाजपा नेताओं ने सांसद के कार्यक्रम से दूरी बनाई रखी।
साहब आपने गोशाला के लिए साढ़े दस लाख मंजूद किए थे, मिले नहीं
गांव बल्ला से आए कृष्ण मान, राममेहर शर्मा, कर्ण सिंह ने सांसद अश्विनी चोपड़ा से गुहार लगाते हुए कहा कि साहब, आपने पांच माह पहले बल्ला में गोशाला के लिए साढ़े दस लाख रुपये मंजूर किए थे, लेकिन अभी तक वह उन्हें नहीं मिल पाए हैं। इस पर सांसद ने कहा कि उनके करनाल में दो आफिस है। इसके लिए वह उनके पीए को अवगत करवाते तो जल्दी पैसे मिल जाते। उन्होंने कहा कि मैंने सीएम से बल्ला को ब्लॉक बनाने की मांग की थी, लेकिन बल्ला की बजाए मूनक को ब्लॉक बना दिया गया।