माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सरकारी भूमि पर लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है। अब इसे मुक्त करवाने के उद्देश्य से नगर निगम सख्ती करेगा। संयुक्त आयुक्त दलजीत सिंह ने भूमि शाखा के अधिकारियों के साथ वीरवार को दयानंद कॉलोनी, गांव उचाना और जरीफा विरान का दौरा कर मौके पर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त आयुक्त ने पाया कि कई स्थानों पर निगम की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, जो नगर निगम की संपत्ति के संरक्षण के लिए गंभीर विषय है। नायब तहसीलदार, कानूनगो व अन्य राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्थानों की तथ्यात्मक व पुख्ता रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि नियमानुसार कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके।
कब्जाधारियों की पहचान करके उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण से बचाने के लिए वहां पर पिलर लगाकर तारबंदी की जाएगी। इस मौके पर अधीक्षक मनोज मान, सहायक प्रदीप शर्मा, नायब तहसीलदार विरेन्द्र शर्मा और कानूनगो राज कुमार मौजूद रहे।
जमीन की स्थिति
- दयानंद कॉलोनी में ग्रेस होटल के सामने निगम की तीन बीघा भूमि है, जिसमें से करीब 2 बीघा भूमि पर अवैध कब्जा है, शेष एक बीघा भूमि से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। संयुक्त आयुक्त ने निर्देश दिए कि न्यायालय में लंबित मामले की नियमित पैरवी सुनिश्चित की जाए और कब्जा वाली भूमि से कब्जा छुड़वाया जाए।
- गांव उचाना में करीब 10 मरले भूमि पर अवैध कब्जा है। यहां कब्जाधारियों द्वारा जमीन के कुछ हिस्से पर चारों ओर तारबंदी है। यहां कब्जा हटाने के साथ ही संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
- गांव जरीफा विरान में 7 कनाल 7 मरले भूमि पर अवैध रूप से तालाब बनाकर मछली पालन किया जा रहा है। तालाब को हटाया जाएगा। भूमि को मूल स्थिति में बहाल कराएंगे।