करनाल। शहर की हवा सांस लेने लायक नहीं रही है। रविवार साल का सबसे प्रदूषित दिन रहा। एक्यूआई 348 पहुंच गया। हवा में प्रदूषण का स्तर लगभग दिल्ली के बराबर पहुंच रहा है। करनाल की हवा दिल्ली व एनसीआर से सटे पानीपत और सोनीपत से अधिक प्रदूषित हो गई है।
रविवार को दिल्ली का एक्यूआई करीब 366 दर्ज किया गया। पानीपत का 288 रहा और सोनीपत का 284 दर्ज किया गया। एक्यूआई 348 की स्थिति स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इस स्तर की हवा से अस्थमा या सांस के रोगियों के लिए तो खराब है ही, स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में परेशानी उत्पन्न करती है।
मौसम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार शहर की हवा में पीएम 2.5 का स्तर 352 से लेकर करीब 500 तक पहुंच गया है। इनकी सुरक्षित सीमा 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक मानी जाती है। पीएम 10 का स्तर भी 500 का आंकड़ा पार कर गया है। ऐसे में शहर की हवा में धूल और सूक्ष्म कणों की मात्रा सामान्य से लगभग पांच गुना अधिक हो गई है। स्थिति सुबह के समय ज्यादा खराब रहती है। नमी और धुएं का मिश्रण स्मॉग का रूप ले लेता है।
चिकित्सकों का कहना है कि इस स्तर की हवा फेफड़ों पर गंभीर असर डालती है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सांस फूलना, आंखों में जलन, सिरदर्द और थकान जैसी शिकायतें बढ़ी हैं। उन्होंने सलाह दी है कि लोग सुबह की सैर या खुली हवा में व्यायाम करने से फिलहाल बचें।
रात को प्रदूषण का स्तर अधिक
शनिवार शाम को 6 बजे से लेकर रविवार दोपहर 2 बजे तक हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों की मात्रा सबसे ज्यादा रही। शाम को 6 बजे पीएम 2.5 अपने न्यूनतम स्तर 50 से शुरू होकर रात को 12-1 बजे तक 500 पर पहुंच गया। पीएम 10 का स्तर भी शाम को 6 बजे 100 से ऊपर था जो रात को 11 बजे से लेकर सुबह करीब 9 बजे तक 500 का आंकड़ा छू गया।
निगम लापरवाह, नहीं लगाई एंटी स्मॉग गन
अब तक नगर निगम की ओर से शहर में एंटी स्मॉग गन नहीं लगाई गई है। कई शहरों में धूल नियंत्रण के लिए नियमित रूप से ऐसे उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। जल्द खरीदारी होगी। निर्माण स्थलों से उड़ती धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं और खुले में कूड़ा जलाना शहर की हवा को जहरीला बना रहे हैं।
शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। ग्रेप-2 के नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें शहर का सर्वे कर रही हैं। डीजल जनरेटर चलता मिला तो कार्रवाई की जाएगी। अन्य प्रतिबंध भी लागू किए जाएंगे। -रणदीप संधू, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, करनाल