करनाल। 15 दिसंबर से ग्रहों के राजा सूर्य का भी गोचर होने जा रहा है, सूर्य का गोचर धनु राशि में होगा जिसके आधार पर यह धनु संक्रांति कहलाई जाएगी। सूर्य देवता के राशि बदलने पर कई राशियों के जातकों का सोया हुआ भाग्य जागने वाला है।
भगवान कर्णेश्वरम् महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी षष्ठी वल्लभ के अनुसार जिस दिन सूर्य अपनी राशि बदलकर धनु राशि में प्रवेश करते हैं उस दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। इसके अलावा मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। धनु संक्रांति रविवार पूर्णिमा तिथि को लगेगी। पौष मास भी इसी दिन आरंभ होगा जिसे खर मास भी कहते हैं। खर मास माह में कोई भी शुभ कार्य आरंभ नहीं करते। धुन राशि गुरु की राशि है, जब सूर्य गुरु की राशि धनु व मीन में रहता है तब अतिक्रमण होने के कारण कोई भी शुभ कार्य, विवाह, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य इस माह में नहीं होते।
14 जनवरी 2025 तक शुभ कार्य रुक जाएंगे। वही, 14 जनवरी 2025 से मकर संक्रांति से शुभ कार्य फिर से आरंभ हो जाएंगे। यद्यपि उत्तरायण सूर्य 22 दिसंबर से ही हो जाता है फिर भी खर मास होने के कारण 14 जनवरी से ही माना है।
धनु संक्रांति के दिन स्नान आदि से निवृत होकर साफ वस्त्र पहने। इसके बाद सूर्य भगवान की प्रार्थना करने के बाद आसन पर बैठकर 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इससे नौकरी में तरक्की मिलने की संभावना बढ़ती है। इस दिन पितरों को खुश करने के लिए अपने पितरों की पूजा करनी चाहिए, नदी में स्नान कर दान करें। गायत्री मंत्र का जाप करें।
धनु संक्रांति पर बिना नमक का भोजन करें। ऐसा करने से आपको अपने पितरों का आशीर्वाद मिलेगा।