असंध के सामान्य अस्पताल के वार्ड में गर्भवती रातभर तड़पती रही लेकिन अस्पताल के वार्ड में रात को ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को उसकी चीखें नहीं सुनी।
लाख मिन्नतों के बाद भी उन्होंने प्रसूता को नहीं संभाला। बेबस गर्भवती ने वार्ड में बच्चे को जन्म दिया। इस मामले में शुक्रवार को शहर के सामाजिक जनसंगठनों ने तीखा विरोध किया है और सरकार से दोषियों के खिलाफ कारवाई की मांग की है।
पीड़ित ममता देवी के पति संदीप व सांस संतोष, दादी जयदेवी निवासी असंध वार्ड नंबर एक ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स, डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों को सहायता के बार-बार बुलाया लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने मदद के बजाए अभद्र व्यवहार किया।
उन्होंने रात को तेजी गर्मी में पंखे चलाने की भी गुहार लगाई लेकिन खुदठंडी हवा ले रहे कर्मियों ने एक नहीं सुनी। शुक्रवार को शहर के मानव सेवा सोसाइटी सदस्य आशीष बत्तरा, नगर पार्षद हरबीर सिंह, हरप्रीत धमीजा, महाबीर सिंह, अजय नारंग, हैप्पी तगेजा, कमल कामरा व अन्य ने कार्यकारी उपमंडल चिकित्सा अधिकारी मुनीष गोयल से मिलकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग की।