- जिले के 100 से ज्यादा स्कूलों में बनेंगे बीआईएस क्लब, भारत मानक ब्यूरो की निगरानी में होंगी गतिविधियां
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब तक जिन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी नए तरीके से पढ़ाई कराना सीखते थे। अब उसी तरह की गतिविधियों से विद्यार्थी उत्पादों की गुणवत्ता के बारे में जानना सीखेंगे। इसके लिए भारत मानक ब्यूरो ने पहल की है। ब्यूरो के विशेष प्रोजेक्ट के तहत करनाल के 100 से ज्यादा स्कूलों में बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) क्लब बनाए जाएंगे।
निजी व सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग की ओर से तैयार किए जाने वाले क्लब में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए गतिविधियां आयोजित होंगी। क्लब का उद्देश्य विद्यार्थियों को उत्पादों का मानकीकरण, चिह्न और गुणवत्ता के बारे में युवाओं को जागरूक करना है। जो गुणवत्ता प्रमाणित गतिविधियों के सामंजस्यपूर्ण विकास के लिए एवं इसके साथ जुड़े मामलों या आकस्मिक मामलों के लिए उत्तरदायी होगा। अधिकारियों के अनुसार, विद्यार्थियों को ये पता होना चाहिए कि कौन सा उत्पादन गुणवत्तापूर्ण है। बीआईएस क्लब में प्रत्येक स्कूल से 15 बच्चे सदस्य, एक साइंस टीचर मेंटर व प्रिंसिपल नोडल अधिकारी बनाया गया है। क्लब के नोडल अधिकारी व सदस्यों की पूरी जानकारी विभाग को जाएगी।
प्रत्येक स्कूल को मिलेगा 10 हजार का बजट
प्रत्येक स्कूलों में जागरूकता गतिविधियां कराने के लिए भारत मानक ब्यूरो की ओर से 10 हजार रुपये का बजट दिया जाएगा। इस बजट से प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसमें प्रथम को एक हजार, द्वितीय को 750, तृतीय को 500 व सांत्वना पुरस्कार में 250 रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए सभी स्कूलों के प्रिंसिपल को इसकी जानकारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को देनी होगी। ऑनलाइन बैंक खाते में रुपये आएंगे। इसके लिए जिला शिक्षा विभाग की ओर से 15 जुलाई तक स्कूलों को इसकी जानकारी मांगी गई है। भारतीय मानक ब्यूरो विभिन्न क्षेत्रों के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप भारतीय मानक तैयार करता है। जिन्हें 14 विभागों जैसे रसायन, खाद्य और कृषि, सिविल इलेक्ट्रो-टेक्निकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, प्रबंधन एवं प्रणाली, धातुकर्म इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम कोयला एवं संबंधित उत्पादों, चिकित्सा उपकरण और अस्पताल योजना, वस्त्र, परिवहन इंजीनियरिंग उत्पादन एवं जनरल इंजीनियरिंग और जल संसाधन के तहत वर्गीकृत किया गया है। इन विभागों के लिए 14 प्रभाग परिषद व्याप्त हैं। ये मानक अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करती हैं और अपनी वस्तु और सेवाओं की गुणवत्ता को अपग्रेड करने में उद्योग की मदद करता है।
नौवीं से 12वीं कक्षाओं में विद्यार्थियों के स्कूलों में बीआईएस क्लब बनाए जा रहे हैं। 57 सरकारी स्कूलों के अलावा 45 से ज्यादा निजी स्कूलों में क्लब बनेंगे। विज्ञान संकाय से जुड़े सभी स्कूलों को क्लब बनाकर 15 जुलाई तक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
- दीपक वर्मा, जिला विज्ञान विशेषज्ञ
विद्यार्थियों को उत्पादों की गुणवत्ता आदि की जानकारी के प्रति जागरूक किया जाएगा। कई गतिविधियां आयोजित होंगी। क्लब के लिए विशेष रूप से मैंटर नियुक्त किए जाएंगे। जिन्हें विभाग की ओर से खासतौर पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
किस खंड के कितने सरकारी स्कूल चुने
खंड स्कूल
असंध 05
घरौंडा 08
इंद्री 05
करनाल 19
नीलोखेड़ी 06
निसिंग 11
किन स्कूलों का हुआ चयन
- असंध : असंध, अरड़ाना, पाढ़ा, सालवन, जलमाना
- घरौंडा : बरसत, घरौंडा (कन्या और मॉडल संस्कृति), अराईंपुरा, कोहंड, चौरा, कुटेल, कैमला
- इंद्री : भादसों, गढ़ीबीरबल, इंद्री (कन्या और बॉय), ब्याना
- करनाल : बड़ागांव, दाहा, प्रेमनगर (कन्या और बॉय), मॉडल टाउन, काछव, कुंजपुरा, संगोहा, दरड़, ढाकवाला गुजरान, घीड़, शेखपुरा सोहाना, टिकरी, उचाना, करनाल, रेलवे रोड, सुभरी, मंगलपुर, टपराना
- नीलोखेड़ी : नीलोखेड़ी, निगदू (कन्या और मॉडल संस्कृति), तरावड़ी (कन्या और मॉडल संस्कृति), भैणीखुर्द
- निसिंग : औंगद, कतलाहेड़ी, निसिंग (कन्या और मॉडल संस्कृति), सांभली, जुंडला (कन्या और बॉय),, गोंदर (कन्या और बॉय), खेड़ीनरू, चिड़ाव