संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सरकारी स्कूलों में अब गणित की पढ़ाई रोचक तरीके से कराई जाएगी। जिले के स्कूलों में कक्षा चौथी से आठवीं तक टैंग्राम गतिविधियां अनिवार्य कर दी गई हैं। इसके जरिये विद्यार्थियों को खेल-खेल में गणित की समझ विकसित कराई जाएगी। साथ ही, निरीक्षण के दौरान यदि किसी विद्यार्थी के बैग में टैंग्राम सेट नहीं मिला तो संबंधित स्कूल मुखिया और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने जिला व खंड स्तर के अधिकारियों को सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। संवाद
- यह होता है टैंग्राम
एक वर्गाकार आकृति को सात टुकड़ों में काटकर टैंग्राम बनाया जाता है। इसमें दो बड़े त्रिभुज, एक मध्यम त्रिभुज, दो छोटे त्रिभुज, एक वर्ग और एक समांतर चतुर्भुज शामिल होते हैं। इन टुकड़ों से सैकड़ों आकृतियां बनाई जा सकती हैं।
वर्जन-
टैंग्राम गतिविधियों का उद्देश्य रटने की पद्धति से हटाकर समझ आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है। विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति और तार्किक सोच विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
- नीलम कुंडू, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी