रिपोर्ट कार्ड
स्कूल भवन बना : वर्ष 1980
जर्जर घोषित : वर्ष 2025
कमरों की जरूरत : 6
जर्जर कमरे : 5
छात्र संख्या : 780
इंद्री। खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इंद्री के पांच कमरों की हालत खस्ता है। विद्यालय के इन कमरों को करीब एक माह पहले जर्जर घोषित किया जा चुका है, फिर भी बच्चों को जान जोखिम में डालकर इन कमरों में पढ़ाई करनी पड़ती है। स्कूल के करीब 45 वर्ष पुराने जर्जर भवन में कमरों के लेंटर और दीवारों में दरारें आई हुई हैं। कमरों के अंदर व बाहर बरामदे के फर्श में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
विद्यालय में किसी कार्यक्रम के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले गद्दे भी छात्रों की कक्षा में रखे गए हैं। स्कूल में कक्षा छह से बारह में 780 छात्र पढ़ते हैं। हालांकि विद्यालय में कई नए कमरों का निर्माण किया गया है परंतु छात्रों की संख्या अधिक होने व कमरों की कमी के कारण मजबूरन जर्जर कमरों में पढ़ना पड़ता है।
पीएमश्री विद्यालय होने के बावजूद विद्यालय में छात्रों के बैठने के लिए बैंच तक नहीं है। उन्हें दरियों पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बारिश के दौरान विद्यालय में पानी जमा हो जाता है जिसके कारण छात्रों को डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है।
विद्यालय में बिजली के चले जाने पर जेनरेटर की या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। विद्यालय में लगे इनवर्टर की बैटरी खराब होने के कारण अधिक समय तक नहीं चलती। छात्रों ने बताया कि विद्यालय में विज्ञान विषय की प्रदर्शनी और सेमिनार चल रहा है जिसमें भाग लेने के लिए इंद्री खंड के कई स्कूलों के छात्र व अध्यापक आए हुए हैं पर बिजली न होने के कारण सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सफाईकर्मी न होने के कारण लगे गंदगी के ढेर
780 छात्रों और 46 अध्यापकों की संख्या वाले पीएमश्री विद्यालय में एक भी चपरासी और सफाईकर्मी नहीं है जिस कारण विद्यालय में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। अध्यापक आपसी सहयोग से पैसे इकठ्ठे कर विद्यालय में सफाई करवा रहे हैं। स्कूल में एक महिला माली है जो पानी पिलाने से लेकर पौधों की देखरेख तक का सारा काम अकेले करती है।
स्कूलों को पत्र भेज कर कंडम घोषित हुए कमरों में कक्षाएं न लगाए जाने के आदेश जारी किए हैं। अगर फिर भी कक्षाएं लगाई जा रही हैं तो ऐसे स्कूलों का निरीक्षण करूंगा। - धर्मपाल चौधरी, खंड शिक्षा अधिकारी
विद्यालय के कंडम कमरों को तोड़ने के लिए बोली आयोजित की गई थी। तय स्तर तक बोली नहीं पहुंचने पर इसे रद्द कर दिया गया। अतिरिक्त उपायुक्त व डीईओ कार्यालय से आदेश आने के बाद अगले सप्ताह तक दोबारा बोली करवाई जाएगी। - संजीव कुमार, कनिष्ठ अभियंता, एसएसए