माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। डीएवी पीजी कॉलेज में शुक्रवार को एनएसएस इकाई एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भारत की प्रथम महिला शिक्षिक सावित्री बाई फुले की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्राचार्य डॉ. रामपाल सैनी ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।
प्राचार्य ने कहा कि महान समाज सुधारक, भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले का जन्म महाराष्ट्र में तीन जनवरी 1831 को एक किसान परिवार में हुआ था। सावित्रीबाई फुले का विवाह सन् 1840 में मात्र 9 वर्ष की उम्र में 12 वर्षीय ज्योति राव फुले के साथ हुआ। सावित्री बाई फूले बहुत ही बुद्धिमान थीं।
उन्होंने मराठी में अध्ययन किया सावित्रीबाई फुले और उनके पति ज्योति राव फुले ने वर्ष 1848 मात्र 9 विद्यार्थियों को लेकर एक स्कूल की शुरुआत की थी। उन्होंने महज 18 साल की छोटी उम्र में ही भारत में नारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पूरे देश में व्यापक माहौल बना दिया। भारत में सदियों से शिक्षा से महरूम शोषित वंचित, दलित-आदिवासी और स्त्री समाज को सावित्रीबाई फुले ने अपने निस्वार्थ प्रेम, सामाजिक प्रतिबद्धता, सरलता तथा अपने सार्थक प्रयासों से शिक्षा पाने का अधिकार दिलवाया।
वर्तमान समय में हमारी बेटियां उच्च शिक्षा हासिल कर रही हैं, यह सावित्री बाई फुले की ही देन है। इस मौके पर डॉ. बलराम शर्मा, डॉ. लवनिश बुद्धिराजा, डॉ. जितेंद्र चौहान, प्रो. अमोल, प्रो. अेजू, प्रो. अमित , प्रो. हरीश आदि मौजूद रहे।