नगर पालिका तरावड़ी की ओर से शहर में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों के मामले में घोटाले की बू आ रही है। शहर में करीब 800 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थी, जो अब बंद पड़ी हैं।
नगरपालिका ने इन लाइटों को लगाने वाले ठेकेदार को मेंटेनेंस का ठेका भी दे दिया। नगर पालिका हर माह ठेकेदार को प्रत्येक स्ट्रीट लाइट की रिपेयर और मेंटेनेंस की पेमेंट भी कर रहा है, लेकिन लाइटें जलती नहीं है। शहरवासियों का आरोप है कि नगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत है।
शहर के निवासी सुभाष चंद, प्रवीन गुुप्ता, चरणदेव कामरा, सुशील कुमार, अशोक कुमार, आत्म प्रकाश और दयानंद का आरोप है कि नगरपालिका ने शहर के जिस वार्ड में नई स्ट्रीट लाइटें लगाईं हैं, उनकी दोबारा रिपेयर आज तक नहीं करवाई। जिसके चलते आज शहर की आधे से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं।
लोगों का कहना है कि स्ट्रीट लाइटें ठप्प होने का सबसे ज्यादा फायदा मनचले युवा उठाते हैं। जो शाम ढलने के साथ ही लड़कियाें से छेड़छाड़ की घटनाआें की अंजाम देते हैं। इसके अलावा चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं।
लोगों का कहना है कि पुरानी लाइटाें की रिपेयर समय पर नहीं हो रही है और नई लाइटों की खरीद लगातार की जा रही है। उससे साफ नजर आता है कि नई लाइटें खरीदने से नगरपालिका के अधिकारियों को फायदा हो रहा है। इन लोगों का कहना है कि पार्षद भी लोगों की समस्याओं का समाधान करवाने में पूरी तरह विफल हैं। शहरवासियों की मांग है कि नई स्ट्रीट लाइटें तब तक न खरीदी जाएं, जब तक कि पुरानी लाइटाें की रिपेयर नहीं हो जाती।