संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सग्गा गांव में चल रही महा शिव महापुराण कथा में प्रवचन करते हुए स्वामी रसिक बिहारी महाराज ने कहा कि इस भूतल पर कल्याण के लिए इस कथा से उत्तम दूसरा साधन नहीं है।
इस महापुराण के पठन अथवा ज्ञान से अवश्य ही पापी, दुराचारी शुद्ध हो सकते हैं। कुछ प्राचीन इतिहास का वर्णन मुनियों ने कुछ इस प्रकार से दिया है, जिसके श्रवण या पठन से पापों का संपूर्ण नाश हो जाता है। भगवान शिव की आराधना मनुष्य को मोक्ष प्रदान करती है, इसलिए समस्त मानव जाति को भगवान शिव की निर्मल मन से उपासना करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिसके मन में छल कपट होता है, वह कभी शिव को प्राप्त नहीं कर सकता। जिसका मन पवित्र है, वहीं शिव का वास होता है, जो मन में मेल रखता है, छल कपट रखता है, उसे कभी शिव की प्राप्ति नहीं होती है। शिव की भक्ति निष्काम भक्ति होती है, जो कामनाएं लेकर जाता है, उस कामना को पूर्ण शिव अवश्य करते हैं। उन्होंने कहा कि मन में बैर रखने से मन खराब हो जाता है, मन तो चंचल है, इसको जितना पवित्र रखोगे उतना ही ईश्वर आपके करीब रहेगा।
कथा में शिव भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। कथा समिति के सदस्य संजीव राणा ने बताया की रोजाना श्रद्धालुओं का हजूम बढ़ता जा रहा है। 27 फरवरी तक कथा का संचालन होगा। उस दिन भंडारा आयोजित किया जाएगा।