गांव बस्तली में एक नाबालिग लड़की की शादी रूकवाने का मामला प्रकाश में आया है। लड़की के परिजनों को कानून के बारे में अवगत कराया। महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी सविता राणा ने बताया कि उन्हें शनिवार को दूरभाष से बाल विवाह से संबंधित एक सूचना मिली थी। सूचना में बस्तली गांव के निवासी सतीश कुमार अपनी नाबालिग लड़की का बाल-विवाह 6 दिसंबर को करने जा रहा था। शिकायत मिलने पर महिला एवं बाल संरक्षण कार्यालय की टीम मौके पर जाकर निरीक्षण किया, जिसमें लडक़ी की आयु 16 वर्ष 10 माह पाई गई, जिससे बाल विवाह होने की पुष्टि हुई। महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने परिजनों को बाल विवाह कानून बारे के बारे में परामर्श दिया। इसे मानते हुए परिजनों ने कहा कि वह लड़की की नाबालिग अवस्था में शादी नहीं करेंगे। संबंधित परिवार को न्यायधीश उपेन्द्र सिंह जेएमआईसी के न्यायालय में पेश किया गया और वहां से इंजक्शन ऑर्डर प्राप्त करके बाल विवाह रूकवाया गया।