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Karnal News: दोबारा शुरू होगी लावारिस कुत्तों की नसबंदी, बनाया जाएगा शेल्टर, पालतू का होगा पंजीकरण

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आक्रामक और संक्रमित कुत्तों को शेल्टर में रखेगा निगम, बाकियों को वापस छोड़ दिया जाएगा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद एक बार फिर से नगर निगम आवारा कुत्तों की नसबंदी का काम शुरू कराएगा। हालांकि इस बार आक्रामक और रैबीज से संक्रमित कुत्तों को निगम शेल्टर बनवाकर उसमें रखेगा। अन्य कुत्तों को नसबंदी के बाद वापस उसी जगह छोड़ दिया जाएगा, जहां से उनको पकड़ा गया था। नगर निगम की ओर से पालतू कुत्तों का पंजीकरण अभियान भी चलाया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निगम ने कुत्तों की नसबंदी का काम बंद कर दिया था। अधिकारियों का कहना था कि वे सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी निर्धारित मानक (एसओपी) के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की रणनीति बनाएंगे। इससे पहले निगम की ओर से करीब 2300 कुत्तों की नसबंदी करा इनको वापस छोड़ा जा चुका है। घोघड़ीपुर के पास नगर निगम की देखरेख में एजेंसी के माध्यम से कुत्तों की नसबंदी कराई जाती रही है। हर एक कुत्ते के ऑपरेशन और टीकाकरण पर निगम 1450 रुपये खर्च करता है। नसबंदी के बाद कुत्तों को वैक्सीनेट कर वहीं छोड़ दिया जाता है, जहां से उनको पकड़ा गया था।
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नगर निगम के आकलन के अनुसार फिलहाल शहर की सड़कों पर करीब 20 हजार लावारिस कुत्ते घूम रहे हैं। ये रोजाना 30 से 40 लोगों को काट कर अपना शिकार भी बना रहे हैं। इन आवारा कुत्तों के अलावा घरों में करीब पांच हजार पालतू कुत्ते भी हैं। अब निगम पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराने की योजना बना रहा है। अभी तक पालतू कुत्तों के पंजीकरण की व्यवस्था नहीं थी।
नगर निगम के डीएमसी अभय सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर हरियाणा सरकार की ओर से जो भी आदेश मिलेंगे उनके अनुसार ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। शहरवासियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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अगस्त में अब तक 500 लोगों को काट चुके कुत्ते
इस माह में अब तक आवारा कुत्तों के काटे जाने के करीब 500 से ज्यादा केस आ चुके हैं। जबकि पिछले माह जुलाई में आवारा कुत्तों के काटे जाने के 2987 केस आए थे और पालतू कुत्तों से काटे जाने के 85 केस आए थे। जून में आवारा कुत्तों से काटे जाने के एक हजार केस जबकि पालतू कुत्तों के काटने के भी 120 केस आए थे। इसी प्रकार मई में आवारा कुत्तों के काटने के 1064 केस और पालतू कुत्तों के काटे जाने 200 केस आए थे।
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