विकास सदन में उपायुक्त एवं नगर निगम आयुक्त निशांत कुमार यादव ने शहर के विकास को लेकर निगम के इंजीनियरिंग, सीवरेज व जलापूर्ति, भवन एवं सड़कें, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, लेखा, डीटीपी शाखा तथा टैक्स ब्रांच के अधिकारियों संग बैठक की। उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति को लेकर समीक्षा की और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। साथ ही अधिकारियों की जिम्मेदारी और कार्यों के डेडलाइन भी तय की गयी। आइए जानते हैं मीटिंग में शहर के कौन से प्रोजेक्ट पर जोर दिया गया और क्या खास रहा।
प्रोजेक्ट - 1
नगर निगम के नये भवन में इंटीरियर कार्य जल्द होगा शुरू
स्थान : सेक्टर-12
प्रोजेक्ट : नगर निगम का नया भवन
खर्च : 33 करोड़ हुए
आदेश : भवन कम्पलीशन के लिए जल्द ही टेंडर लगेगा और इंटीरियर के कार्य किये जाएंगे। खर्च के लिए सरकार को पत्र लिखेंगे।
फायदा : शहर के लोगों को काम के लिए तीन जगह नहीं जाना पड़ेगा। एक ही भवन में काम होगा।
प्रोजेक्ट- 2
सेक्टर-13 की सभी आंतरिक सड़कें चकाचक होंगी
स्थान : सेक्टर-13
प्रोजेक्ट : आंतरिक सड़कें की होगी मरम्मत
खर्च : करीब 1 करोड़ 20 लाख
आदेश : जल्द टेंडर लगाकर वर्क अलॉटमेंट होगा और मार्च में मरम्मत हो जाएगा।
फायदा : करीब 20 हजार की आबादी को गड्ढ़ों से राहत मिलेगी।
प्रोजेक्ट - 3
प्रदेश का पहला एसबीआर तकनीक आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
स्थान : सेक्टर-4
प्रोजेक्ट : एसबीआर तकनीक पर आधारित एसटीपी
खर्च : 75 करोड़
आदेश : काम में तेजी लाएं। मार्च तक प्रोजेक्ट पूरा हो।
फायदा : करीब तीन सेक्टरों की 20 कालोनियों की निकासी सुविधा मिलेगी।
प्रोजेक्ट - 4
कचरे से तैयार की जाएगी सीएनजी
स्थान : काछवा रोड
प्रोजेक्ट : स्लाटर हाउस में बायो-सीएनजी प्लांट
जरूरत : रोजाना 50 टन गीले कचरे की जरूरत
आदेश : स्लाटर हाउस में बायो सीएनजी प्लांट को पूरी तरह से फंक्शनल किया जाए। इससे प्रतिदिन दो टन सीएनजी का उत्पादन होगा।
फायदा : सीएनजी से मासिक 15 लाख का राजस्व प्राप्त हो सकेगा।
सुझाव -
देहरादून व महाराष्ट्र की तर्ज पर वेस्ट से तैयार हो बायो ईधन
बैठक में कार्यकारी अभियंता एलसी चौहान ने आयुक्त को सुझाव दिया कि देहरादून और रोहा (महाराष्ट्र) में प्लास्टिक वेस्ट से बायो ईधन का उत्पादन किया जा रहा है। नगर निगम की एक कमेटी बनाकर दोनों जगहों के प्लांट का निरीक्षण किया जाए। शहर से प्रतिदिन 8 टन प्लास्टिक जेनरेट हो रहा है। प्लांट लगाए तो इससे प्रतिदिन तीन से चार टन बायो-डीजल का उत्पादन किया जा सकता है। इससे प्रतिदिन 4 से 5 लाख रूपये का राजस्व प्राप्त हो सकेगा।
सुविधा-
सीवरेज लाइनों के साथ नालों की भी करो सफाई, जल्द होंगे टेंडर
आयुक्त ने बताया कि आगामी बरसाती मौसम से पहले शहर की सभी सीवरेज लाईनों की सफाई होगी। काछवा पुल से लेकर मीरा घाटी से गुजरते एनएच-44 बाईपास तक लंबे नाले की सेक्शन मशीन से सफाई करवाई जाएगी। इसके लिए जल्द ही टेंडर लगाएंगे। सीवरेज व नालों की सफाई से शहर में जल भराव की समस्या नहीं होगी।
कार्रवाई-
टैक्स डिफाल्टरों के कामर्शियल भवन होंगे सील
टैक्स ब्रांच के बार-बार नोटिस दिये जाने के बाद भी कुछ डिफाल्टरों ने रिस्पांस नहीं दिया है। अब ऐसे टैक्स डिफाल्टरों के होटल व गोदाम इत्यादि को सील करने की कार्यवाही की जाएगी। डीसी ने अधिकारियों से कहा कि कामर्शियल की सीलिंग शुरू की जाए। टैक्स शाखा के प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि 31 जनवरी तक नगर निगम के खजाने में 16 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि जमा हो चुकी है। मार्च 2020 तक बकायादार अपना टैक्स नगर निगम के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।
ये अधिकारी रहे मौजूद
मीटिंग में संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह, चीफ इंजीनियर रमेश मंढान, डीएमसी धीरज कुमार, विभिन्न कार्यकारी अभियंता व सहायक इंजीनियर, मुख्य सफाई निरीक्षक व टैक्स ब्रांच के इंचार्ज मौजूद रहे।