संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। श्री सनातन धर्म शिव मंदिर सभा की ओर से श्री रामलीला मैदान में फूल कुंवर नौ रत्न सांग का मंचन किया गया। रविवार को सांगी मोहम्मद मीर व उनके साथियों ने नौरत्न सांग का मंचन किया।
रानी फूल कुंवर अपने पुरोहित से कहती है कि नू की नू बणगी, कह मेठन जुबान उसकी नौ महीने में महल चणादू जिस जगह छयान से उसकी। सांगी मोहम्मद मीर ने सांग का मंचन करते बताया कि संभल (मुरादाबाद) राज्य में देवदत्त राज करते थे, उनकी तीन रानियां थीं, लेकिन उनके यहां कोई संतान नहीं थी और राज्य में अकाल पड़ गया था।
इसके लिए राजा ने अनेक यज्ञ करवाए, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। एक दिन राजा ने अपने कुल पुरोहितों और ब्राह्मणों को बुलाकर सारा हाल बताते हुए कहा कि सौ अश्वमेद्य यज्ञ करवा लिए फैर भी काल पड़ै सै, ब्रह्मा विष्णु शिवजी ये तीनों जोट कडै सैं। इस पर कुल पुरोहित एक और यज्ञ करवा रानी फूल कुंवर को एक पुत्र होने का वरदान दे देकर चले जाते हैं। ये बात सुन रानी इतनी खुश हुई कि.... बेटे का वरदान ले रानी फूली नहीं समाई, शुक्लपक्ष में चंद्रमा सा लड़का हो ये बात समझ में आई।
जब रानी गर्भवती हुई तो दोनों रानियां षडयंत्र रचती हैं। जब फूल कुवर की कोख से लड़का पैदा हुआ तो ये दोनों रानियां उसे पेटी में बंद कर नदी में बहा देती हैं और राजा को बताती हैं कि फूल कुंवर ने तोते को जन्म दिया है। इस बात से शर्मिंदा होकर रानी महल छोड़कर जंगल में साधू के पास रहने लगती है। अगले दिन रानी को नदी में बहती हुई पेटी मिल जाती है और वे अपने बेटे का नाम नौरत्न रखती हैं। जब नौरत्न बड़ा हो जाता है तो सेठ मणि लाल उसे चीन में ले जाता है और उससे नौकर का कार्य करता है। जब नौ रत्न कुंए पर पानी लेने गया तो महिलाएं उसका नाम जानकर राजा धर्म सिंह के पास ले जाती हैं...।