करनाल। जिला खेल अधिकारी सत्यवीर पोसवाल का कहना है कि खेलों को आम आदमी से जोड़ना ही बेहतर खेल संस्कृति विकसित करने की सबसे बड़ी शर्त है। जब तक समाज के हर वर्ग की भागीदारी नहीं बढ़ेगी, तब तक खेलों में निरंतर सफलता हासिल करना मुश्किल रहेगा।
करनाल स्थानांतरित किए गए सत्यवीर पोसवाल ने बुधवार को पदभार ग्रहण किया। उन्होंने बताया कि जिले में इस समय करीब 2500 बच्चे विभिन्न खेल नर्सरियों में रोजाना अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सदा खेलों की पृष्ठभूमि रहा है, हमारी मिट्टी के खिलाड़ियों ने ओलंपिक में भारत को सर्वाधिक पदक दिलवाए हैं। ओलंपिक 2036 की मेजबानी के लिए हमें खेल के क्षेत्र में एक पावर हाउस बनना होगा तभी उस सपने को हम पूरा कर पाएंगे। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हमें स्थानीय स्तर पर प्रतिभा खोज अभियान चलाने पड़ेंगे। जिन खिलाड़ियों में अद्भुत प्रतिभा है उन्हें खेल विभाग की खेल नर्सरियों में बेहतर प्रशिक्षण देकर ओलंपिक के लिए तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से मिशन 2036 का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत भारत में ओलंपिक आयोजित कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जिला स्तर पर अभी से टैलेंट सर्च अभियान चलाने होंगे। यदि योजनाबद्ध तरीके से तैयारी की जाए तो आने वाले वर्षों में जिले और प्रदेश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना सकते हैं।