जिले में लगातार तीसरे दिन कोहरे का कहर जारी रहा। घने कोहरे के कारण बसें
और ट्रेनें अपने गंतव्य के लिए देरी से पहुंचीं। इस कारण लोगों को काफी
परेशानी झेलनी पड़ी।
बुधवार को पूरा दिन सूर्यदेव कोहरे के चलते दर्शन नहीं
दे पाए। बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों
की तुलना में काफी कम रही। बुधवार सुबह हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग
पर तितरम मोड़ के नजदीक एक कार की वाहन के साथ टक्कर हो गई।
इसमें कार
कंपनी के तीन कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उन्हें कैथल के
सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई
जा रही है। घायलों में क्योड़क निवासी दीपक, खरादिया मोहल्ला निवासी सतीश
कुमार व अमरगढ़ गामड़ी निवासी विनोद को चोटें आई हैं।
उधर, गुहला-चीका में
घने कोहरे की सफेद चादर चारों दिखाई दी। कोहरा अधिक होने पर वाहन सड़क पर
रेंगते दिखाई दिए। लोगों सर्दी के कारण अपने घरों में ही दुबके रहे।
दफ्तरों में काम करने वाले लोगों ने अपने कामकाजों पर देरी से जाना मुनासिब
समझा। किसान हरजिंद्र सिंह, बलजिंद्र लाहौरियां, सोहन सिंह, मेजर सिंह,
बलकार सिंह, अंग्रेज सिंह, सुच्चा सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए
सर्दी का पड़ना पहुंच जरूरी है।
उन्होंने बताया कि यह मौसम फसल के लिए ठीक
है और फसल की पैदावार में बढ़ोतरी होगी।
उधर ढांड में भी कोहरे का
प्रकोप जारी रहा। सुबह से ही चारों तरफ गहरी धुंध की चादर फैली हुई थी और
वाहन चालक दिन में ही वाहनों की लाइटें जलाकर चलते रहे। कई बार भारी वाहन
चालकों की अन्य वाहनों के साथ टक्कर होने से भी बची। प्रमुख मार्गों पर
दोपहिया वाहन चालक ठंड से बचने के लिए वाहनों को रास्ते में सड़क किनारे
रोककर आगे जलाकर अलाव का सहारा ले रहे थे।
उधर, गांव माजरा रोहेड़ा में
तालाब किनारे शराब से भरा एक ट्रक अधिक कोहरे के कारण पलट गया। इसमें चालक
बाल बाल बच गया। चालक रमेश कुमार ने बताया कि वह बदौली अंबाला से नारनौल
के लिए ट्रक में शराब ले जाई जा रही थी कि गांव माजरा के पास अधिक धुंध के
कारण ट्रक तालाब के पास गड्डों में पलट गया। उसने बताया कि ट्रक के अंदर
900 पेटी शराब देसी की भरी थी। ट्रक पलटने से शराब की बोतलें बच गई व
परिचालक दीपक ने कूदकर जान बचाई।