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Karnal News: हर पौधे की निरंतर करते हैं खास देखभाल

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मेरी बगिया:हर पौधे से है एक खास रिश्ता कर्ण गेट के अनुज ने घर में सजाई है बगिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मेरा हर पौधे से खास लगाव है। मिट्टी में हाथ डालना, बीज बोना और फिर उस बीज को अंकुरित होते देखना, ये सब किसी ध्यान से कम नहीं। पिछले एक साल से घर में एक छोटी-सी बगिया बनाई है, जो अब परिवार का हिस्सा बन चुकी है।
इस बगिया में कई ऐसे पौधे लगाए हैं जो सिर्फ देखने में ही सुंदर नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हैं। जैसे नीम, हरड़, गिलोय, ये सब आयुर्वेद में अमूल्य माने जाते हैं। जब भी किसी को हल्का बुखार या बदन दर्द होता है, तो सबसे पहले गिलोय की बेल से पत्ते तोड़ने की याद आती है। नीम के नीचे बैठना, किसी मेडिटेशन जैसा सुकून देता है।
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सजावटी पौधों के बिना बगिया अधूरी लगती है, इसलिए कुछ खुशबूदार पौधे भी लगाए हैं, जैसे रात की रानी, जो शाम होते ही भीनी भीनी खुशबू से घर के वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है। कभी-कभी बस वहीं कुर्सी डालकर बैठ जाते हैं, किसी बात की ज़रूरत नहीं होती। अनुज ने बताया कि उन्होंने पत्थरचट का पौधा भी लगाया है। सुना है कि यह पथरी के लिए बहुत असरदार होता है। वैसे वैज्ञानिक रूप से कितना असर करता है, ये तो डॉक्टर ही बेहतर बताएंगे, लेकिन हमारे बुजुर्गों का विश्वास है इसमें। हमारी बगिया में तुलसी भी है, जो किसी देवता से कम नहीं। हल्की सर्दी, खांसी या गले में खराश हो तो सबसे पहले तुलसी की चाय बनती है।
आजकल की दौड़ती-भागती ज़िंदगी में जब भी मन उलझने लगे या मानसिक थकान हो, तो मैं अपनी बगिया में चला जाता हू। पौधों को निहारना, पानी देना, सूखे पत्ते हटाना, ये छोटे-छोटे काम दिल को शांति देते हैं।
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उनका कहना है कि वह कहीं बाहर जाते हैं, तो एक सदस्य घर पर ही रुकता है ताकि पौधों को समय पर पानी मिले। क्योंकि ये सिर्फ पेड़-पौधे नहीं हैं, ये हमारे परिवार के सदस्य हैं और जैसे हम अपनों की देखभाल करते हैं, वैसे ही इनकी भी ज़िम्मेदारी हम पूरी तरह निभाते हैं। उनका मानना है कि जब पौधे मुस्कराते हैं, तब घर में बरकत और सुख-शांति दोनों साथ आती हैं।
प्रस्तुति : अनुज, कर्णगेट
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