करनाल। फौजी जब तक देश की सीमा पर रहते हैं, जांबाजी के साथ ड्यूटी करती हैं। उनको घर-परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए भी समय नहीं मिलता। सेवानिवृत्त होने के बाद उनको सामान्य जीवन जीने में परेशानी नहीं आनी चाहिए। उन्हें बेहतर जिंदगी मिले, ऐसा सभी का प्रयास होना चाहिए। स्थानीय प्रशासन को उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करना चाहिए। सरकार को पूर्व सैनिकों के लिए टोल टैक्स माफ कर देना चाहिए या सीमित समय तक उनसे टोल नहीं लेना चाहिए। संवाद
सीएम से भी की है चर्चा
15 साल तक वायु सेना में सेवा देने वाले भूपेंद्र मान ने बताया कि वह जुलाई, 2005 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने बताया कि जब तक उन्होंने देश के लिए अपनी सेवाएं दीं तब तक उनकाे गाड़ियों पर टोल टैक्स नहीं देना पड़ा। जब वह सेवानिवृत्त हुए तो किसी भी टोल टैक्स पर उनका आई कार्ड नहीं माना जाता। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कई बार मुख्यमंत्री से चर्चा की गई है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला।
पेंशन में टोल देने में दिक्कत
10 साल तक सेना में सेवा देने वाले चंद्रभान शर्मा ने बताया कि वह 1996 में सेवानिवृत्त हुए थे। जब तक वह सेना में रहे टोल टैक्स के बारे में उन्होंने चिंता नहीं की। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें कहीं जाने पर टोल टैक्स देना पड़ता है। पेंशन में ऐसा करना मुश्किल होता है। उन्हें टोल टैक्स में राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले में जितने भी पूर्व सैनिक हैं उन सभी को टोल टैक्स पर कुछ छूट मिलनी चाहिए।