संवाद न्यूज एजेंसी
नीलोखेड़ी/करनाल। नीलोखेड़ी क्षेत्र के संडीर गांव में सांप के साथ स्टंट ने राजेंद्र उर्फ जहरीला (35) की जान ले ली। रविवार को गांव में श्मशान घाट के निर्माण के दाैरान सांप निकला था। राजेंद्र सांप को पकड़कर करीब 20 मिनट तक लोगों के सामने प्रदर्शन करते रहे। गले में डालकर करतब करने लगे। इसी दाैरान सांप ने उनकी उंगली में डंस लिया। लोग अस्पताल लेकर गए लेकिन तब तक उनकी माैत हो चुकी थी
संडीर गांव के सरपंच धर्मपाल ने बताया कि राजेंद्र को सांप पकड़ने का शौक था। रविवार को गांव के शमशान घाट में निर्माण कार्य के दाैरान निकले सांप के बारे में मजदूरों ने सूचना दी थी। उन्होंने स्नेकमैन सतीश फफड़ाना के पास इस बारे में सूचना भेजी। इसी बीच राजेंद्र माैके पर पहुंच गए। वहां मौजूद लोगों ने समझाया लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी। सांप को पकड़ लिया।
ग्रामीणों के मुताबिक राजेंद्र ने कोबरा को गले में डाल लिया और करतब दिखाने लगे। इसी दौरान सांप ने उनको डंस लिया। डंसने के बाद उन्होंने सांप को वहीं छोड़ दिया। उंगुली से निकले रक्त को चूसने लगे। इसके बाद कुछ दूरी तक चलने के बाद अचानक जमीन पर गिर गए। सूचना पर परिजन उन्हें घर ले गए। परिजनों ने घर पर ही डाॅक्टर को बुलाया, उन्होंने जांच के बाद राजेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
बाद में स्नेकमैन सतीश फफड़ाना माैके पर पहुंचे और सांप को पकड़कर जंगल में छोड़ा। उनके अनुसार सांप कोबरा प्रजाति का था।
-
जहरीला नाम से जानते थे ग्रामीण
राजेंद्र को सांप पकड़ने का शाैक था। वह अक्सर सांप पकड़कर करतब दिखाते। उनकी पूंछ पर रस्सी बांधकर घुमाते। सांप को मुंह में भी डालकर प्रदर्शन करते। इसी कारण ग्रामीणों ने उन्हें जहरीला नाम दे दिया था। स्नेकमैन सतीश फफड़ाना ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार राजेंद्र को समझाया था कि ऐसे सांप पकड़ना जाेखिम भरा है। वह सांप को पकड़कर घर भी ले जाते थे। हालांकि बाद में जंगल में छोड़ देते थे।
-