संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट करके नए संगठन के लिए रायशुमारी लेने आए पर्यवेक्षक के सामने ही पार्टी कार्यकर्ता गुटों में बंटे नजर आए। इस दौरान जहां उन्होंने अपने नेता का खुलकर समर्थन किया, वहीं दूसरे गुट के नेता के खिलाफ गद्दारों को बाहर करो... के नारे भी लगाए।
नारे लगते ही मंच पर बैठे एआईसीसी के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक भुवन कापड़ी और अन्य ने मंच छोड़ दिया। वे नीचे उतर आए और हॉल के ऊपरी हिस्से में बने कमरे में करीब छह घंटे तक वे एक-एक करके कार्यकर्ताओं से मिले और उनका फीडबैक लिया।
वीरवार को नई अनाज मंडी के सामुदायिक केंद्र में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की ओर से संगठन बनाने को लेकर बैठक बुलाई गई। जिसमें पर्यवेक्षकों के सामने ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नेताओं के खिलाफ माहौल गर्मा गया। इससे पहले उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस के नए संगठन में दलित, ओबीसी और महिलाओं को वाजिब प्रतिनिधित्व मिलेगा। संगठन की रचना जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से बातचीत के आधार पर ही की जाएगी। भुवन कापड़ी के साथ प्रदेश ऑब्जर्वर कैलाशो सैनी, आजाद मलिक और मंगतराम भी मंच पर मौजूद थे।
मंच पर जैसे ही नेताओं ने माइक संभाला कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हो गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्थानीय नेता पर भाजपा से मिलीभगत के आरोप लगाते हुए गद्दारों को बाहर करो जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। स्थिति बिगड़ते देख पर्यवेक्षक भुवन कापड़ी ने मंच छोड़ दिया। बंद कमरे में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पर्यवेक्षकों को स्थानीय नेताओं की भाजपा नेताओं के साथ ली गई तस्वीरें भी दिखाई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। बैठक भले ही संगठन को मजबूत करने के इरादे से बुलाई गई थी, लेकिन जिस तरह से कार्यकर्ताओं ने खुले मंच पर असंतोष जताया और अंदरूनी गुटबाजी सामने आई।