करनाल/काछवा। पूर्व सीएम मनोहर लाल के गोद लिए गांव काछवा में बस क्यू शेल्टर बनाने की 35 वर्ष पुरानी मांग पूरी नहीं हुई। मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, विधायक, सांसद समेत जिले के आला अधिकारियों को ग्राम पंचायत ने पत्र लिखा, लेकिन इसके बाद भी केवल कागजों में ही काम शुरू हुआ। जबकि धरातल पर आज भी 35 साल पुराने पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर लोग बस का इंतजार कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत ने मई 2023 में उपायुक्त को बस क्यू शेल्टर बनाने के लिए पत्र लिखा था। जिसके बाद प्रक्रिया शुरू हुई, तो करनाल रोडवेज की ओर से भी जिला परिषद के सीईओ को पत्र लिखकर निर्देश दिए गए, लेकिन जिला परिषद की ओर से आज तक काम को शुरू नहीं कराया गया। ऐसे में लोगों में निराशा बढ़ रही है। यह स्थिति तब है जब कई बार मुख्यमंत्री रहे मनोहर लाल के जनता दरबार में व इससे अलग व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करके लोगों ने उनसे गुहार लगाई थी। इसके बावजूद अभी तक काम शुरू नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा गांव को गोद लिए जाने पर उम्मीद जगी थी कि बस स्टैंड पर क्यू शेल्टर, शौचालय व पीने के पीने की व्यवस्था हो जाएगी, लेकिन कुछ नहीं हो पाया। मौजूदा ग्राम पंचायत ने बस स्टॉप पर दो बार शौचालय बनाने का प्रयास किया, लेकिन एक दुकानदार के विरोध किए जाने पर पंचायत ने अपने कदम पीछे हटा लिए। बस स्टॉप के नजदीक 50 से अधिक दुकानें हैं।
गांव की सरपंच सुशीला के अनुसार, बस क्यू शेल्टर बनाने की मांग 35 वर्ष पुरानी है, उस समय गांव की आबादी पांच हजार हुआ करती थी, अब यह बढ़कर 20 हजार हो गई है। लेकिन बस क्यू शेल्टर नहीं बन पाया। करनाल विधानसभा क्षेत्र में काछवा गांव सबसे बड़ा है। फिर भी लोगों को पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर बैठकर बस का इंतजार करना पड़ता है।
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खराब मौसम में दिक्कत, शौचालय तक नहीं
सैकड़ों की संख्या में महिलाएं व लड़कियां प्रतिदिन काछवा से करनाल जाती हैं। बरसात, सर्दी, गर्मी में उन्हें पेड़ के नीचे बैठकर इंतजार करना पड़ता है। स्थानीय दुकानदार टेकचंद ललित, चिराग सचदेवा, विजय कुमार, इंद्र कुमार भाटिया का कहना है कि बरसात के समय में लोगों को मजबूरन कई बार उन्हें दुकानों में भी शरण लेनी पड़ती है। अजीब स्थिति तब हो जाती है जब किसी महिला व लड़की को शौच आदि के लिए जाना पड़ जाए। पुरुष भी खुले में पेशाब करने को मजबूर हैं।
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संस्था के सहयोग से पी रहे पानी
दुकानदार सुखविंदर मिस्त्री ने बताया कि बस स्टॉप पर शौचालय व क्यू शेल्टर न होना शर्म की बात है। पीने के पानी की भी यहां वर्षों से व्यवस्था नहीं थी। गांव की एक सामाजिक संस्था ने यह बीड़ा उठाकर यहां ठंडे पानी का वाटर कूलर रखवाया था। पंचायती राज चुनाव में यह मुख्य मुद्दा रहा है। लेकिन जिला प्रशासन कोई सहयोग नहीं कर रहा है। काछवा बस स्टॉप समिति के प्रधान अमरनाथ भाटिया का कहना है कि यात्रियों के लिए कोई शेल्टर न होने से उन्हें परेशानी होती है। विशेष कर महिलाओं को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता है लेकिन आज तक ग्रामीणों की यह समस्या हल नहीं हो सकी है।
वर्जन
उपायुक्त और हरियाणा रोडवेज करनाल के महाप्रबंधक को अलग-अलग पत्र लिखकर बस स्टॉप पर बस क्यू शेल्टर व शौचालय बनाने की मांग की हुई है। केवल कागजी प्रक्रिया ही चल रही है। अभी तक काम नहीं शुरू हो पाया है। - सुशीला, सरपंच, काछवा
वर्जन
ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर हमने जिला परिषद को मई 2023 में ही पत्र लिखकर बस क्यू शेल्टर बनाने का आग्रह किया था। विभाग की ओर से ही काम किया जाना है। हमारी तरफ से बसों का गांव में स्टापेज दिया हुआ है। बस सुविधा में कमी नहीं है। - कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज