गांव जोहड़माजरा की छात्रा हत्याकांड मामले में एसपी अभिषेक गर्ग ने एसआईटी का गठन किया है। स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम में दो डीएसपी, एसएचओ इंद्री और सीआईए टू इंस्पेक्टर को शामिल किया गया है। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस इस मामले में फूंक-फूंककर कदम रख रही है। पुलिस ने इस मामले में जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की बात कही है।
डीएसपी इंद्री बलजिंद्र सिंह को एसआईटी का इंचार्ज बनाया गया है जबकि डीएसपी एंव महिला सेल इंचार्ज भारती डबास को इस हत्याकांड की तफ्तीश करने की जिम्मेदारी मिली है। एसआईटी में थाना इंद्री प्रभारी अनिल कुंडू, सीआईटू इंचार्ज अमन कुमार सहित अन्य पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया है। एसआईटी ने दो दिन में मामले का खुलासा करने की बात कही है।
एसआईटी ने परिजनों से की पूछताछ
एसआईटी में शामिल अफसरों ने सोमवार को गांव जोहड़माजरा में पहुंचकर छात्रा के परिजनों से पूछताछ की। छात्रा के माता-पिता, भाई-बहन समेत अन्य परिजनों से करीब एक घंटे तक पूछताछ की। मामला संवेदनशील होने के कारण जांच को पुलिस पूरी तरह से गुप्त रख रही है।
अस्थियां चुनने की रस्म में शामिल हुए लोग
रविवार को हुए छात्रा के अंतिम संस्कार के बाद सोमवार को अस्थियां चुनने की रस्म में क्षेत्र के काफी लोग शामिल हुए। इन लोगों ने जांच में हो रही देरी पर भी विचार-विमर्श किया। गांव के लोगों ने बताया कि पुलिस ने जांच के लिए कुछ दिन का समय मांगा है। वह पुलिस के साथ जांच में सहयोग कर रहे है। यदि जल्द ही मामले का खुलासा नही हुआ तो गांव में पंचायत कर अगली रणनीति बनाई जाएगी।
ऐसे चला घटनाक्रम
20 फरवरी को इंद्री के स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा का स्कूल पहुंचने से पूर्व ही अपहरण कर हत्या कर दी थी। छात्रा का शव गांव इंद्रगढ़ के समीप गन्ने के खेत से मिला था। पुलिस ने रोहतक पीजीआई में डाक्टरों के बोर्ड से छात्रा का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं होने और छात्रा के शरीर पर कोई निशान नहीं होने के कारण मामला बेहद पेचीदा हो गया था। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र के करीब आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों ने इंद्री थाने का घेराव भी किया। अब एसपी अभिषेक गर्ग ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। इस टीम ने दावा किया है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
डीएसपी बलजिंद्र सिंह ने बताया कि छात्रा हत्याकांड का मामला बेहद पेचीदा है। इस मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। परिजनों को भी जांच में शामिल किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं होना तथा छात्रा के शव पर चोट का कोई निशान नहीं होने के कारण मामले की जांच की जा रही है। यहां तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से छात्रा की मौत के कारणों का पता नहीं चला है। विसरा रिपोर्ट में ही मौत के कारणों का पता चलेगा। जांच में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।