माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। करनाल जिले में जल्द विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्री-रिवीजन में 4.8 लाख मतदाताओं का सत्यापन हो चुका है।करीब 8 लाख मतदाताओं का डोर-टू-डोर सत्यापन किया जाएगा। इन मतदाताओं की डाटाबेस में पूर्ण जानकारी नहीं मिली है। डोर-टू-डोर सत्यापन में मतदाता सूची में नाम, पता, आयु सहित अन्य जानकारियों को मौके पर जांचा जाएगा। प्रमाणपत्र लिए जाएंगे।
निर्वाचन विभाग के अनुसार वर्ष 2002 में करनाल में 7 लाख मतदाता थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 12 लाख से अधिक हो चुकी है। तहसीलदार सुदेश राणा ने बताया कि अभिव्यक्ति रिवीजन (प्री-रिवीजन) का काम के बाद राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों, बीएलओ और स्टाफ को एसआईआर का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद जिले में एसआईआर का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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अगले सप्ताह से विशेष अभियान
अगले सप्ताह से जिले में बीएलओ विशेष अभियान चलाएंगे। मतदाता पहचानपत्र, मतदाता सूची में नाम, पता, जन्मतिथि समेत अन्य विवरण को अपडेट किया जाएगा। लोग भी मतदाता सूची की गलतियों को ठीक करा सकेंगे और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेंगे।
दलों के साथ होगी अहम बैठक
तहसीलदार सुदेश राणा ने बताया कि अगले महीने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में बूथ लेवल एजेंट भी शामिल होंगे। उन्हें एसआईआर के उद्देश्य, प्रक्रिया और समयसीमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
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यूपी में एसआईआर, करनाल में जुटाई जानकारी
उत्तर प्रदेश में एसआईआर शुरू होने के बाद करनाल जिले में असर दिखा। करनाल के निर्वाचन आयोग कार्यालय में 7 हजार से अधिक लोग वर्ष 2002 की मतदाता सूची में नाम खंगालने के लिए पहुंचे। ये लोग वर्ष 2002 में करनाल में थे लेकिन अब यूपी में पहुंच गए हैं।
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