हुडा ऑफिस में लगाए गए खुले दरबार में समस्याओं की शिकायतों का अंबार लगा और इसमें स्टाफ की लापरवाही सबके सामने आई। फरियादी नितिन गुप्ता ने तो यहां तक कह दिया कि यह हुडा ऑफिस नहीं सर, हरासमेंट ऑफिस है, इनका नाम बदल दो। कर्मचारी कई-कई दिन की छुट्टी पर जाने के बाद छुट्टी के दिन बुलाते हैं और ऑफिस में मिलते नहीं। इसके अलावा दूसरे फरियादी आरएस गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2009 से आज तक नक्शा पास नहीं किया, जबकि सभी प्रक्रिया पूरी हैं। दरबार में हुडा स्टाफ के पसीने छूटे रहे, लेकिन अफसरों ने स्टाफ के प्रति पूरी नरमी बरती। लापरवाही मिलने से भी कर्मचारी से स्पष्टीकरण तक नहीं मांगा गया।
इससे कई फरियादियों ने नाराजगी जताई। खुले दरबार में ओएसडी अमरेंद्र सिंह और हुडा के प्रशासक हरदीप सिंह पहुंचे।
हुडा के प्रशासक हरदीप सिंह ने बताया कि दरबार में एजेंडे के अनुसार कुल 35 शिकायतें आई। इनमें से 22 सीएम विंडो से संबंधित थी। इनके अतिरिक्त दर्जनों शिकायतें ऐसी थी, जो हुडा से संबंधित छोटे मामलों पर आधारित थी, उनका भी समाधान किया गया है। सभी का पक्ष जानकार कईं समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया गया और कइयों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि हुडा कार्यालय में लगाए गए दरबार में कुछ मामले प्लाट सरेंडर, प्लॉटों के स्थानांतरण, हुडा में कॉमर्शियल गतिविधियों, ब्याज, एक्सटेंशन फीस इत्यादि से संबंधित थे। संबंधित सभी लोगों को बुलाकर उनकी समस्याओं का समाधान किया गया। इस मौके पर संपदा अधिकारी अश्विनी मलिक, कार्यकारी अभियंता वाईएम मेहरा, दीपक गुप्ता, राज सिंह आदि उपस्थित रहे। इस दौरान ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने हुडा परिसर में पर्यावरण की शुद्धता के दृष्टिगत पौधारोपित किया तथा कहा कि हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। इतना ही नहीं उसका पालन पोषण भी जिम्मेदारी समझकर करना चाहिए।
मकान ट्रांसफर से लेकर गंदगी की भी आई शिकायतें
खुले दरबार में सुदेश, नीलम, उमा चावला की सेक्टर-4 पार्ट 2 में कब्जा लेने से संबंधित, सेक्टर-5 निवासी तेजेंद्र पाल की मकान ट्रांसफर करने से संबंधित, सेक्टर-13 की निवासी सरोज बाला, रामस्वरूप गुप्ता और राजकुमार की मकान के विस्तारीकरण से संबंधित, कुरूक्षेत्र निवासी रघुबीर सिंह तथा पंचकुला के सिद्धार्थ सेठी की तरावड़ी में प्लॉटों के सरेंडर करने संबंधी समस्याओं को रखा। सेक्टर-6 के लोगों ने हुडा ग्राउंड में लाईट की व्यवस्था करने की मांग के दृष्टिगत स्थानीय अधिकारियों को संबंधित लोगों की समस्याएं दूर करने के लिए निर्देश दिए। सेक्टर-14 पार्ट-2 के लोगों द्वारा अपने सेक्टर में गंदगी फैलाने की बात को लेकर दरबार में गुहार लगाई।
11 लाख के चेक देने में लगा रहे थे चक्कर
फरियादी नितिन गुप्ता ने बताया कि उसका सेक्टर-32 में प्लॉट निकला और उसका एक्सेस राशि 20 लाख रुपये जमा है। वर्ष 2015 में 11,06,805 रुपये का चेक देना था। सालभर से हुडा स्टाफ चेक नहीं दे रहा है। कर्मचारी उसे इतना हरास कर रहे हैं कि कर्मचारी तीन दिन की छुट्टी पर हैं और वही कर्मचारी अगले दिन ऑफिस में बुला रहा है। वह दुकान बंद करके हुडा ऑफिस में जाते और कर्मचारी नहीं मिलते। फरियादी की समस्या जायज होने के कारण प्रशासक हरदीप सिंह ने तुरंत चेक देने के निर्देश दिए।
ऑनलाइन हमने किया और आज दिखा रहे बाहर का रास्ता
दरबार में ओएसडी से स्कूल इन्फोरमेशन मैनेजर का स्टाफ मिला। देवेंद्र, हर्ष, सुरेंद्र, रवि सहित अन्य ने बताया कि साढ़े तीन साल से प्रदेश में 895 और करनाल जिले में 57 कर्मचारी कार्यरत हैं। एक कर्मचारी के पास 8 से 9 स्कूल हैं, जो पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया हुआ है। अब उनको निकालने की प्रक्रिया की जा रही है। हाजिरी भी बंद कर दी गई है। ओएसडी ने आश्वासन दिया कि उनके साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। समाधान निकाला जाएगा।