25 मार्च को करनाल से कौमी इंसाफ मोर्चे पर जाएगी संगत
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चंडीगढ़ में चल रहे कौमी इंसाफ मोर्चे में करनाल से भी सिख समाज से जुड़े लोग पहुंचेंगे। 25 मार्च को गांव डाचर स्थित राज करेगा खालसा गुरुद्वारा से काफिला रवाना होगा। कर्ण लेक से होते हुए चंडीगढ़ पहुंचेगा। मांगों के समर्थन में मंगलवार को करनाल स्थित डेरा कार सेवा में सिख समाज से जुड़े लोगों की बैठक हुई। जहां बेअदबी, बंदी सिखों की रिहाई और अमृतपाल सिंह मामले को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित गुरुद्वारा राज करेगा खालसा से बाबा गुरमीत सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र और पंजाब की सरकार ने अमृतपाल सिंह को लेकर आडंबर रचा है। इसी विषय पर बैठक में चर्चा की गई। निर्णय लिया है कि जब तक सरकार यह नहीं बताएगी कि अमृतपाल सिंह और उनके साथियों को गिरफ्तार करके कहां पर रखा है, तब तक मोर्चा चलता रहेगा।
आगामी रणनीति पर उन्होंने कहा कि 25 मार्च को सिख समाज के लोग गांव डाचर के गुरुद्वारा राज करेगा खालसा से करनाल गुरुद्वारा डेरा कार सेवा पहुंचेंगे और यहां से मोहाली के लिए रवाना होंगे। मोहाली में सात जनवरी से कौमी इंसाफ मोर्चा चल रहा है।
सरदार हरपाल सिंह ने कहा कि सिख समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर लगातार सरकार से गुहार लगा रहे हैं। समुदाय के लोग 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब की हुई बेअदबी मामले और बंदी सिखों की रिहाई, कोटपुरा बरगाड़ी में चली गोलियों में दो शहीदों के इंसाफ और शिरोमणि कमेटी के श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूप का पता लगाने और अब अमृतपाल सिंह को गलत ढंग से लोगों के सामने पेश करने आदि को लेकर संघर्षरत हैं।
इनका हल होना चाहिए, लेकिन सरकार की ओर से इन मांगों को लेकर आज तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। सरदार हरपाल सिंह ने कहा कि अमृतपाल सिंह सिख समुदाय के हक की बात रखता है और उसको राजनीति के कारण फंसाया जा रहा है।
हरपाल सिंह ने कहा कि एक तरफ सरकार द्वारा लॉरेंस बिश्नोई को जेल में वीडियोग्राफी कर देशभक्त बनाया जा रहा है, वहीं, जगतार सिंह हवारा को पेशी पर नहीं लाया जा रहा है। जोकि गलत है। इसी को लेकर सिख समुदाय के लोगों में भारी रोष है।