गुरुग्रंथ साहिब के बेअदबी मामले को लेकर जिले में सिखों ने काली दीपावली मनाई। सिर पर काली पगड़ी और महिलाओं ने काली चुन्नी ओढ़कर अलग-अलग स्थानों पर जुलूस निकालकर रोष जाहिर किया। करनाल में जहां सिख समुदाय के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला, वहीं निसिंग में काले झंडे लेकर रोष जाहिर किया।
पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब के बेअदबी के मामले को लेकर व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने को लेकर करनाल में सिखों ने काली दिवाली मनाई। रोष कैंडल मार्च शाम 6 बजे मंजी साहब गुरुद्वारा से शुरू हुआ और रेलवे रोड से होता हुआ रामगढ़िया चौक पर पहुंचकर समाप्त हुआ।
रोष मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं भी काले कपड़े व काले झंडे लेकर शामिल हुई , वहीं पुरुषों ने भी काली पगड़ियां और काले कपड़े पहनकर रोष जाहिर किया। गौरतलब है की काली दिवाली मनाने का एलान सिख बिरादरी की तरफ से कई दिन पहले ही कर दिया था, जिसको लेकर आज जहां सिखों ने सड़कों पर उतरकर जहां रोष मार्च निकाला, वहीं गुरुद्वारों और घरों को भी इस बार नहीं सजाया गया। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। उधर, निसिंग में सिख समुदाय के लोगों ने अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताया।
पंथ की ओर से चलाए जा रहे यह अभियान अब गांव व शहरों तक पहुंच चुका है। श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के बेअदबी करने व करने वालों को सजा न मिलने के कारण इस तरह का विरोध किया जा रहा है। इंद्रजीत सिंह बदौरतिया, महेंद्र सिंह, हरदीप सिंह, कपूर सिंह, सुखदीप सिंह बब्बर, जीत सिंह, अर्षदीप, सीमरनजीत सिंह व कुलदीप सिंह सहित अन्य का कहना है कि ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक बहुत बड़ा अपराध का कार्य है, जो माफी के लायक नहीं है।