जुंडला। वीर हकीकत राय पंजाबी धर्मशाला जुंडला में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में मंगलवार को चार दिवसीय श्रीकृष्ण कथामृत का शुभारंभ किया गया। आशुतोष जी महाराज की शिष्या साध्वी प्रवीणा भारती ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व अत्यंत विराट एवं आलौकिक है। भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र धर्म स्थापना के जिस संदेश को धारण किए हैं, वह हर काल, युग एवं सीमाओं से परे हैं। आज प्रत्येक मनुष्य का अंत:करण अंधकारमय है। अज्ञानता के तम से आच्छादित है, जब जब मानव के भीतर अज्ञानता व्याप्त होती है, तब तब मानवों का समाज मानवता से रिक्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि ऋषि मुनियों ने उस परम तत्व के समक्ष प्रार्थना की, प्रभु हमारे भीतर के अंधकार को दूर कीजिए ताकि ज्ञान प्रकाश को पाकर हम अपने जीवन को सुंदर बना सकें। जब तक मानव अज्ञानता के गहन अंधकार से त्रस्त रहेगा, जब तक उसका सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। अंधेरा हमें भ्रमित भी करता है और भयभीत भी करता है। प्रकाश में सब कुछ स्पष्ट दिखता है न कोई भ्रम रहता है न कोई भय।
प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय नारी ऐतिहासिक एवं पौराणिक दृष्टि से अपना एक विशिष्ट स्थान बनाए हुए है। वैदिक काल में भारतीय नारी का स्थान बहुत ऊंचा रहा है। विद्या का आदर्श सरस्वती, धन का आदर्श लक्ष्मी, पराक्रम का दुर्गा, पवित्रता का गंगा में पाया जाता था। नारी को अबला समझ कर उसके जीने के अधिकार को भी छीना जा रहा है, लेकिन नारी अबला नहीं सबला है। कार्यक्रम की व्यवस्था एवं मंच संचालन स्वामी योगेशानंद ने किया।